पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Students Caught Making Nude Poster Caught By Police In Indore

चड्डी-बनियान पहनकर चिपका रहे थे छात्राओं के अश्लील पोस्टर, पुलिस ने पकड़ा

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
(कॉलेज परिसर में लगे अश्लील पोस्टर)
इंदौर. एमजीएम मेडिकल कॉलेज में पुलिस ने गुरुवार रात एमबीबीएस फर्स्ट ईयर के चार छात्रों को अभिनेत्रियों की अश्लील फोटो के साथ छात्राओं के नाम वाले पोस्टर चस्पा करते हुए पकड़ा। असिस्टेंट वार्डन के आग्रह पर पुलिस ने इतने गंभीर मामले को मामूली शरारत मानकर सभी छात्रों को छोड़ भी दिया। इधर, मामला बढ़ता देख कॉलेज प्रबंधन ने ताबड़तोड़ एक कमेटी बनाकर छात्रों को निलंबित कर दिया।
गुरुवार रात 3 बजे पुलिस कंट्रोल रूम पर कॉलेज के चौकीदार ने कॉल किया। उसने बताया 20-25 युवक मुंह पर कपड़ा बांधे और चड्डी-बनियान में परिसर में घूम रहे हैं। आशंका जताई कि ये बैंक में डकैती डालने आए हैं। इस पर गश्त कर रहे डीएसपी जेडी भौंसले, सीएसपी आरएस घुरैया चार थानों के बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घेराबंदी की तो एक युवक कॉलेज की दीवार फांदता दिखा, उसे दौड़कर जवानों ने पकड़ लिया। दूसरा युवक कचरे के ढेर में छिप गया था।
जो छात्र पकड़ में आए उनमें शुभनारायण घनघोरिया, सूरज अहिरवार, अंशुमन दत्ता और योगेश परिहार शामिल हैं। बाकी भाग निकले। चारों एमबीबीएस फर्स्ट ईयर के छात्र हैं। पुलिस को छात्रों के पास से लगभग 15 पोस्टर मिले। इन पर सनी लियोनी और दीपिका पादुकोण के फोटो थे। साथ में टॉप-10 जूनियर छात्राओं के नाम थे। इसे बीएलटी-2014 का नाम दिया गया था।
छात्र बोले- हमें सीनियरों ने पोस्टर लगाने को कहा था
कॉलेज की कमेटी के सामने दोपहर में पेशी हुई। समिति सदस्यों ने उनके सामने पोस्टर रखे और घटना के बारे में पूछा। छात्रों ने बताया कुछ सीनियर्स ने हमें भेजा था। हम हॉस्टल में थे। पोस्टर का बंडल दे दिया और कहा कि कॉलेज में पेड़ों पर लगा दो। हमें धमकाया, उनकी बात नहीं मानते तो वे हमारी पिटाई करते, इसलिए पोस्टर चिपका रहे थे। जब उनसे सीनियर का नाम पूछा तो बोले कि हमें नाम नहीं पता। चेहरे से पहचानते हैं। उनसे पूछा कि पोस्टर पर किन छात्राओं के नाम हैं? छात्र ने जवाब दिया - फर्स्ट ईयर।
सीधी बात : डॉ. संजय दादू, वार्डन और फोरेंसिक विभागाध्यक्ष
आपके डॉक्टर ने पुलिस को कार्रवाई से रोका।
> हम कैसे किसी को रोक सकते हैं

आपके यहां के डॉ. गवली ने कहा कि यह आंतरिक मामला है।
> सुबह कुछ छात्रों ने ही इसकी सूचना दी थी। वे पास ही में रहते हैं, इसलिए उन्हें भेजा।
आपकी नजर में छात्राओं के नाम इस तरह पोस्टर पर लगाना उचित है?
> बिलकुल नहीं है, लेकिन हमें मामले की पूरी जानकारी नहीं है। लगा कि गलतफहमी के कारण पुलिस छात्रों को ले गई थी। इसलिए डॉक्टर को थाने भेजा था।
आगे की स्लाइड्स में देखें घटना की तस्वीरें...