इंदौर. मोबाइल में सिम डलवाने पर मां और पिता ने डांटा तो 18 वर्षीय युवती ने छत से कूदकर जान दे दी। युवती ने गुस्से में पहले मोबाइल कुचल दिया, फिर सिम तोड़ दी। फिर छत पर गई और मां के सामने ही लगा दी छलांग। घटना बाणगंगा इलाके में सांवेर रोड स्थित दीपशिखा होटल के पास हुई। शनिवार रात करीब डेढ़ बजे यहां रहने वाली 18 साल की नीलम पिता जयराम वर्मा घर की दूसरी मंजिल की छत पर पहुंची और रैलिंग से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।
जांच अधिकारी एसआई विनोद शर्मा ने बताया नीलम को कुछ दिन पूर्व उसकी बड़ी बहन नीतू के पति धर्मेंद्र (जीजा) ने एक मोबाइल दिलवाया था। वह उसमें गाने सुनती थी। कुछ दिन से वह मां लवली और पिता जयराम वर्मा से मोबाइल में सिम डलवाने की जिद कर रही थी, लेकिन वे मना कर देते थे। नीलम ने शुक्रवार को पिता के दस्तावेज लेकर एक मोबाइल सिम खरीद ली। शनिवार को सिम चालू हुई तो मां को पता चला। मां ने फटकारा तो वह रोने लगी। इधर, रात में फैक्टरी से पिता आए तो मां ने उन्हें सिम खरीदने की जानकारी दी, इस पर उन्होंने भी बेटी को फटकारा था।
...और मां बोली- पकड़ पाती उससे पहले ही छलांग लगा दी
पिता के कागजों से सिम खरीदने की बात पर जब बिटिया को टोका तो वह गुस्सा हो गई। गुस्से में उसने रात में ही मोबाइल को मूसल से तोड़ दिया। सिम भी तोड़कर फेंक दी। हमने उसके इस व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई तो वह रोते-रोते सो गई। रात करीब डेढ़ बजे वह अचानक उठी तो मेरी नींद खुल गई। नीलम को कमरे का दरवाजा खोलकर बाहर जाते देखा तो मैं उसके पीछे गई।
मुझे देख वह तेजी से दूसरी मंजिल की छत पर जाकर रैलिंग पर खड़ी हो गई। उसे ऐसा करते देख मैं सहम गई। मैने उसे रोकने की कोशिश की...। आगे बढ़कर उसे पकड़ पाती उससे पहले वह आखिरी बार बोली-मां अब हम जिंदा नहीं रहेंगे और छलांग लगा दी...। मां लवली यह दर्दनाक हादसा सुनाते-सुनाते फफक पड़ीं। उधर पिता जयराम ने कहा- मुझे नहीं पता था इतनी सी बात पर वह ऐसा कर लेगी।
शोर सुन दौड़े लोग
बेटी की छलांग पर मां की चीख निकली तो आसपास के लोग दौड़े लेकिन देर हो चुकी थी।
और इधर.... कपड़े धोने के विवाद में छोटी बहन ने लगाई फांसी
दो बहनों में कपड़े धोने की बात पर विवाद हुआ और 15 वर्षीय छोटी बहन ने फांसी लगाकर जान दे दी। छोटी बहन को फंदे पर झूलता देख उसके होश उड़ गए। परिवार के सदस्य अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में पीएम नहीं कराने को लेकर परिवार के लोगों ने हंगामा कर दिया।
खजराना पुलिस के मुताबिक इलियास नगर में रहने वाली जीनत पिता परवेज ने आत्महत्या कर ली। जीजा नईम ने बताया जीनत कुछ दिनों से उनके साथ ही रह रही थी। मेरी पत्नी अरसी रविवार सुबह कपड़े धो रही थी। इस दौरान जीनत कमरे से बाहर आई तो दोनों के बीच कपड़े धोने की बात को लेकर कहासुनी हो गई। जीनत दु:खी होकर वापस कमरे में चली गई। कुछ देर तक वह बाहर नहीं आई तो अरसी ने उसे आवाजें दी, पर कोई जवाब नहीं आया। उसने अंदर जाकर देखा तो जीनत फंदे पर झूल रही थी। उसे फंदे से उतारकर एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसकी मौत होने की बात कही।
छोटी बहन को उठाने की कोशिश करती रही
घटना के बाद अस्पताल में बड़ी बहन जीनत को उठाने की कोशिश करती रही। कभी उसका चेहरा पकड़कर उसे दुलारती तो कभी उससे लिपट कर रोने लगती। घटना के बाद परिवार के लोग शव को ले जाने लगे। इस पर एमवाय चौकी पुलिस ने उन्हें शव ले जाने से रोक दिया और शव मर्चूरी में भेज दिया। परिवार के सदस्य नहीं माने और शव ले जाने के लिए हंगामा करने लगे। पुलिस ने समझाइश देकर मामला शांत करवाया।
बच्चों में कम हो रही है सहनशीलता
ये दोनों ही मामले बताते हैं कि बच्चों में सहनशीलता कम होती जा रही है। हमारे पास रोजाना ऐसे मामले आ रहे हैं। एक ख्वाहिश पूरी नहीं हो तो उन्हें लगता है कि पूरी दुनिया खत्म हो गई। वे परिवार की डांट-फटकार को भी अभिमान का प्रश्न बना लेते हैं। कम उम्र में ज्यादा हासिल करने की चाह भी कुछ हद तक जिम्मेदार है। इसकी मुख्य वजह परवरिश में अधूरापन है। परिवार से ऐसे बच्चे ज्यादा घुलते-मिलते नहीं हैं। इसलिए बच्चों से संवाद में खुलापन रखें, ताकि वे किसी बात को अभिमान का प्रश्न नहीं बनाएं।
- डॉ. दीपक मंशारमानी, मनोरोग विशेषज्ञ
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