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बेकाबू बीमारी: स्वाइन फ्लू से 17 घंटे में 6 की मौत, बढ़ रहा है मौत का आकड़ा

6 वर्ष पहले
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इंदौर. एमवायएच व प्राइवेट अस्पताल में रविवार रात 12.30 बजे से सोमवार शाम साढ़े पांच बजे तक स्वाइन फ्लू के कारण छह मरीजों ने दम तोड़ दिया। इनमें से एक मरीज की जांच रिपोर्ट में बीमारी की पुष्टि हो चुकी थी।
चार के सेंपल जांच के लिए भेजे, रिपोर्ट अब तक नहीं आई। एक अन्य की मौत नमूना भेजने से पहले ही हो गई। सभी का स्वाइन फ्लू का इलाज चल रहा था। जिन मरीजों की मौत हुई उनमें तीन एमवायएच में और तीन प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती थे। अब तक 27 मरीजों की मौत हो चुकी है।
इनमें से 16 की रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू बीमारी की पुष्टि हुई। बाकी मामलो में या तो नमूने नहीं भेजे जा सके या रिपोर्ट नहीं आई। इस बीच सोमवार देर शाम जबलपुर लेबोरेटरी से आई रिपोर्ट में पांच मरीजों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। अब तक 41 की रिपोर्ट पॉजीटिव आ चुकी है। शहर के अलग-अलग अस्पतालों में 40 मरीजों का स्वाइन फ्लू का इलाज चल रहा है।

19 दिन इलाज, तीन अस्पताल, फिर भी नहीं बची जान
महेश्वर की 42 वर्षीय महिला को परिजन 22 जनवरी को साउथ तुकोगंज स्थित एक हॉस्पिटल में लेकर लाए थे। यहां से विजयनगर के अस्पताल ले गए। तब से महिला इसी अस्पताल में भर्ती थी। सोमवार सुबह मौत हो गई।
दूसरे प्राइवेट अस्पताल में भर्ती दो अन्य मरीजों ने भी दम तोड़ दिया। इनमें हातोद का 22 वर्षीय युवक शामिल था। एमवायएच में भर्ती जिन तीन लोगों की मौत हुई उनमें मूसाखेड़ी का 60 व खंडवा का 45 वर्षीय व्यक्ति तथा शाजापुर की 22 वर्षीय गर्भवती महिला शामिल थी।
हाई कोर्ट ने कहा 12 फरवरी तक सरकार दे जवाब
स्वाइन फ्लू जांच की लैब शहर में स्थापित करने के लिए हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और जिला प्रशासन को लैब संबंधी पूरी जानकारी के साथ 12 फरवरी को जवाब देने के निर्देश दिए हैं। एडवोकेट अजय बागड़िया ने जनहित याचिका दायर की है।
इसमें कहा गया है कि सेंपल जांच के लिए जबलपुर स्थित लेबोरेटरी भेजना पड़ रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने तक मरीज की हालत गंभीर हो जाती है। इंदौर में भी लैब स्थापित की जाए, ताकि सैंपल की रिपोर्ट तत्काल मिल सके।

याचिका में यह भी
- नर्सरी तक की कक्षाओं में छुट्टी घोषित करवाना चाहिए।
- सरकारी अस्पतालों में वेंटीलेटर की संख्या बढ़ाई जाना चाहिए। दवाई का स्टॉक भी बराबर हो।
- अस्पतालों में स्टाफ, आने-जाने वालों को बिना मास्क लगाए प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिए।
ऐसे बचाएं स्वाइन फ्लू से खुद को
- खांसते समय मुंह व नाक पर डिस्पोजेबल टिसू रखें।
- उपयोग के बाद टिसू को तुरंत डिस्पोज करें।
- थोड़े-थोड़े अंतराल से हाथ साबुन-पानी से धोते रहें।
- यदि फ्लू के लक्ष्ण हैं तो तुरंत मेडिकल सलाह लें।
- अन्य लोगों से कम से कम 1 मीटर की दूरी बनाए रखें।
- गले लगने, चुमने या हाथ मिलाने से बचें।
- बिना धुले हाथ से आंख, कान या मुंह को न छुएं।