इंदौर. शासन ने स्टाम्प एक्ट में बदलाव करते हुए अब किराएदारी को क्षेत्र की गाइडलाइन से जोड़ दिया है। मकान मालिक 11 माह या उससे कम के लिए मकान किराए पर देता है तो उसे करार पर क्षेत्रीय गाइडलाइन का 0.01% स्टाम्प ड्यूटी देना होगी। यदि किराएदारी 1 से 5 साल के लिए होती है, तो यह संपत्ति मूल्य का 0.1% होगी। 20 से 30 साल के लिए 4% और उससे अधिक अवधि के लिए स्टाम्प ड्यूटी संपत्ति मूल्य के 5% होगी। पंजीयन शुल्क अलग से देना होगा।
नोटरी भी अब 10 रुपए के स्टाम्प पर नहीं होकर, न्यूनतम 50 रुपए के स्टाम्प पर होगी। इस बदलाव का नोटिफिकेशन हो गया है और मंगलवार दोपहर तक यह वेबसाइट पर अपलोड हो जाएगा। इसके साथ ही इसे शाम तक लागू भी कर दिया जाएगा।
- इससे पहले 11 माह का किरायानामा केवल सौ रुपए के स्टाम्प पर हो जाता था। इससे अधिक की अवधि के लिए स्टाम्प ड्यूटी साल भर के कुल किराए के प्रतिशत के रूप में ली जाती थी। यह अवधि के हिसाब से कुल किराए का दो से पांच फीसदी तक था।
पावर ऑफ अटार्नी भी महंगी
पहले सभी तरह की पावर ऑफ अटार्नी 1000 रुपए के स्टाम्प पर हो जाती थी, लेकिन अब रक्त संबंधियों में ही पावर ऑफ अटार्नी एक साल के लिए 1000 रुपए के स्टाम्प पर होगी। वहीं, अन्य पावर ऑफ अटार्नी संपत्ति के गाइडलाइन मूल्य के पांच फीसदी पर होगी।
नोटिफिकेशन हो गया है, आज से लागू
स्टाम्प एक्ट में बदलाव का नोटिफिकेशन हो गया है, यह मंगलवार शाम तक लागू हो जाएगी।- दीपाली रस्तोगी, महानिरीक्षक पंजीयन
जबरिया वसूली है यह
राजस्व में बढ़ोतरी के लिए शासन ने यह जबरिया वसूली का रास्ता अपनाया है। किराएदारी अब गणित के फार्मूले की तरह कठिन हो जाएगी। कानून का मजाक बनाकर लोगों पर बोझ डाला गया है।- प्रमोद द्विवेदी, अध्यक्ष जिला पंजीयक अभिभाषक समिति
इस तरह रहेगा हिसाब
50 लाख की संपत्ति किराए से देने पर-
11 माह या उससे कम के लिए स्टाम्प ड्यूटी- 500 रुपए
1 से पांच साल के लिए- 5000 रुपए
पांच से दस साल के लिए- 50000 रुपए
10 से 20 साल के लिए- 1 लाख रुपए
20 से 30 साल के लिए- 2 लाख रुपए
30 साल से अधिक के लिए- 2.5 लाख रु.