इंदौर. आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों के चलते बुधवार को कलेक्टोरेट स्थित स्ट्रॉन्ग रूम में रखी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) निकाली गईं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में उपयोग की गई इन मशीनों से दर्ज डाटा हटाकर इन्हें खाली किया जा रहा है। दरअसल, महू विधानसभा के पराजित प्रत्याशी अंतरसिंह दरबार ने याचिका लगाई है, जिसके चलते महू की ईवीएम मशीन से डाटा हटाने से पहले उन्हें बुधवार को अनुमति के लिए बुलाया गया।
दरबार ने अधिकारियों से पहले तो ईवीएम की पूरी प्रक्रिया समझी, इसके बाद कहा- महू विधानसभा क्षेत्र में इस्तेमाल की गई ईवीएम से डाटा मिटाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। इस पर उन्होंने अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) पर दस्तखत कर दिए। मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा- उनकी याचिका में कुछ बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज करवाई गई है। याचिका स्वीकार होने के बाद वे इसका खुलासा करेंगे। उन्होंने कहा कि वे याचिका के माध्यम से चाहते हैं कि चुनाव निरस्त किया जाए और गलत करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
बताया जा रहा है कि उनके द्वारा याचिका में दर्ज कराई गई आपत्तियों में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा चुनाव के दौरान पैसा और शराब बंटवाने जैसी शिकायतें शामिल हैं। इनसे जुड़े कुछ प्रमाण भी उन्होंने याचिका के साथ लगाए हैं। अधिकारियों ने मंत्री की ओर से मौजूद अधिकृत प्रतिनिधि से भी एनओसी ली। इसके बाद मशीन से डाटा हटाए गए। इसके लिए हैदराबाद से कुछ अधिकारी इंदौर आए थे।