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डाउनलोड करेंइंदौर। बीआरटीएस पर विधायक रमेश मेंदोला के मंच को लेकर दिखावे की कार्रवाई से नाराज अफसरों ने सोमवार को विजयनगर टीआई से पूछताछ की। टीआई ने कहा- टेंट वाले को सही आरोपी बनाया है। उसे मैंने मौके पर देखा था। जब पूछा गया कि क्या आयोजक नहीं दिखा, तो वे बगले झांकने लगे।
टीआई शैलेंद्र श्रीवास्तव ने प्रशासन के दबाव में खानापूर्ति करते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश का केस दर्ज कर प्रभात टेंट हाउस के संचालक रूपेश गुप्ता को आरोपी बनाया था। इसके बाद मामला दबाते हुए वे किसी को बताए बिना पेशी के नाम पर शहर छोड़ गए। गुप्ता ने आईजी व डीआईजी से शिकायत की कि टेंट उसका नहीं था। सोमवार को टीआई इंदौर आए तो डीआईजी व एसपी ओपी त्रिपाठी ने उनसे बात की।
टीआई ने डीआईजी से कहा कि रूपेश ने ही वहां टेंट लगाया था। मैंने उसे देखा था। डीआईजी ने इसका प्रमाण जुटाने के निर्देश दिए हैं। उधर, आईजी विपिन माहेश्वरी ने बताया डीआईजी को विस्तृत जांच करने के आदेश दिए हैंं।
मंच बीआरटीएस पर नहीं था! डीआईजी ने टीआई से बात की तो खुलासा हुआ कि पुलिस ने जो केस दर्ज किया है, वह बीआरटीएस को लेकर जारी प्रतिबंधात्मक आदेश के उल्लंघन का नहीं है।
उन्होंने जांच और विचार किए बिना सामान्य प्रतिबंधात्मक आदेश के उल्लंघन की कार्रवाई कर दी। इसके तहत किसी आयोजन के लिए प्रशासन की अनुमति लेनी पड़ती है। ऐसा नहीं होने पर आयोजक ही दोषी बनता है। बाद में टेंट या साउंड सिस्टम वाले लोग आरोपी बनाए जा सकते हैं। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि आयोजन बीआरटीएस पर न होकर उसकी सर्विस रोड पर हुआ। आदेश में ऐसा उल्लेख नहीं है कि सर्विस रोड भी इसमें शामिल है। इसकी पुष्टि डीआईजी ने भी की।
टीआई से सीधी बात
-इतने लोगों में आयोजक का पता नहीं चला
आपने टेंट वाले पर कार्रवाई की और मामले को दबाने की कोशिश की?
- कोई जवाब नहीं दे सके।
टेंट वाला क्या वाकई दोषी है?
- हां, टेंट उसी का था।
वह तो मना कर रहा है?
- उसकी दुकान के सामने टेंट लगा था। वह नहीं है तो उसे बताना चाहिए किसका टेंट था।
आप मौके पर थे। क्या आपको नहीं पता?
- हमें पता है, तभी कार्रवाई की।
आपको टेंट वाला दिखा, आयोजक नहीं?
- इतने सारे लोगों में पता नहीं चला कि आयोजक कौन है।
तो टेंट वाला कैसे दिख गया?
कोई जवाब नहीं।
डीआईजी ने दिए ये बिंदु
आयोजक का पता लगाया जाए, उसे मुख्य आरोपी बनाकर गिरफ्तारी की जाए।
पहचान के लिए विजयनगर चौराहे पर लगे डोम कैमरे के फुटेज भी खंगालेंगे।
मीडिया या वीडियोग्राफी करने वाले लोगों से भी फुटेज लिए जाएं।
तो छोड़ेंगे नहीं : एसपी
एसपी ओपी त्रिपाठी ने बताया कि टीआई को कहा गया है कि आयोजक को ढूंढें। आयोजक पर हर हाल में कार्रवाई की जाएगी। टीआई की मिलीभगत मिलती है तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
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