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डाउनलोड करेंइंदौर. ट्रेन में अपराध करने वाले बदमाश हाईटेक होते जा रहे हैं। यात्री चाहते हैं हर डिब्बे में पुलिस रहे लेकिन हम तीन प्रतिशत सुरक्षा ही दे पाते हैं। मैंने रेलवे बोर्ड को कई बार पत्र लिखे और ऐसे सुझाव भी बताए, जिन्हें अमल में लाने से अपराधों में कमी आएगी और खर्च भी नहीं है। सुरक्षा के लिए पूरा प्लान और कमेटी बनाने की जरूरत है लेकिन अभी बाबूराज चल रहा है। है। आम आदमी की सुरक्षा बाबूराज से गवर्न नहीं होनी चाहिए। यह कथन एडीजी रेल मैथलीशरण गुप्त के हैं।
बुधवार को रेलवे सुरक्षा समिति के कार्यक्रम में आए एडीजी से 'भास्कर' ने विशेष बात की। उन्होंने बताया रेलवे सुरक्षा समिति को मान्यता मिल गई है। अब पुलिस इनसे तीन प्रकार से मदद लेगी। पहली रेलवे स्टेशन की सुरक्षा, फिर आउटर इलाके की सुरक्षा और फिर क्रिमिनल क्लस्टर की निगरानी। क्रिमिनल क्लस्टर ऐसे क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं, जहां अपराधी रहते हैं।
फर्स्ट क्लास की टिकट खरीदकर करते हैं वारदात
एडीजी ने कहा ट्रेन में अपराध करने वाले हाईटेक होने के साथ इनवेस्टर बनते जा रहे हैं। आजकल जो ट्रेंड सामने आया है उसमें अपराधी फस्र्ट क्लास की टिकट खरीदते हैं और सफर करते समय वारदात करते हैं। कई अपराधी पकड़े तो उनके पास आगे की यात्रा के कई टिकट मिले। बिहार, यूपी और हरियाणा के कुछ गांव जहर खुरानी, चोरी जैसे अपराधों में पारंगत हो चुके हैं। उनके हेडक्वार्टर दिल्ली में हैं और वे अलग-अलग शहरों से ऑपरेट कर रहे हैं।
टिकट के साथ आईडी लिया जाए
एक प्रस्ताव एडीजी ने बनाकर रेलवे बोर्ड को भेजा है। इसमें टिकट के साथ फोटो आईडी अनिवार्य किए जाने का कहा गया है। इससे फायदा होगा कि जब पुलिस जांच करेगी तो अपराधी तक पहुंचने में आसानी होगी। हर दो-तीन महीने में सभी प्रदेशों के एडीजी रेल की बैठक होना चाहिए। बाबूराज के कारण भोपाल और इटारसी के स्टेशनों के लिए स्वीकृत प्रपोजल अटका है। कोच अटेंडर और अनधिकृत वेंडर अपराधों में लिप्त मिले। इनके वेरिफिकेशन की जरूरत है।
परेशान होते रहे सदस्य
रेलवे सुरक्षा समिति के नवागत सदस्यों को कार्ड बांटने का कार्यक्रम बुधवार को परेशानी भरा रहा। करीब तीन घंटे देरी से शुरु हुए कार्यक्रम में बाहर से आए करीब 300 से ज्यादा सदस्य चाय-नाश्ते के लिए तरस गए। समिति से जुड़े सदस्य सुबह 11 बजे से शुरु होने वाले कार्यक्रम में आकर बैठ गए लेकिन दोपहर दो बजे तक एडीजी गुप्त ही कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। करीब ढाई बजे वे पहुंचे तब जाकर रेलवे पुलिस ने सुरक्षा समिति के सदस्यों को भोजन मुहैया करवाया। बाद में एडीजी के भाषण के बाद नए सदस्यों को कार्ड बांटे गए। इस दौरान जावरा, मंदसौर, नीमच, उज्जैन, रतलाम, नागदा और अन्य स्थानों से भी सदस्य आए थे।
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