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डाउनलोड करेंइंदौर. पूर्व काबिना मंत्री और धार जिले के मनावर क्षेत्र से दूसरी बार निर्वाचित विधायक रंजना बघेल के खिलाफ भ्रष्ट आचरण की दो चुनाव याचिकाएं जबलपुर हाई कोर्ट में दायर की गई हैं। दोनों याचिकाओं में फोटो और दस्तावेज के साथ सबूत प्रस्तुत करते हुए चुनाव शून्य घोषित करने की मांग की गई है।
किसान गोविंद सिरवी ने आरोप लगाया है कि बघेल ने भ्रष्टाचार कर चुनाव जीता है। वरिष्ठ अधिवक्ता चंपालाल यादव द्वारा प्रस्तुत याचिका में कहा गया है कि विधानसभा चुनाव-2013 के मतदान के दिन रंजना बघेल ने मनावर क्षेत्र में मंदिर के बाहर सरेआम मतदाताओं को पैसे बांटे। वहां ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल ने नियम विरुद्ध गतिविधि देखते हुए पैसे बांटे जाने का वीडियो अपने मोबाइल से बनाया। यह देख बघेल ने कांस्टेबल से मोबाइल छीन लिया और जमीन पर फेंककर तोड़ दिया।
कांस्टेबल की शिकायत पर पुलिस ने रंजना के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में प्रकरण पंजीबद्ध किया। दूसरे दिन घटना की सचित्र खबर सभी समाचार-पत्रों में प्रकाशित हुई और टीवी चैनलों पर भी लगातार समाचार दिखाए गए। दूसरी याचिका पराजित कांग्रेस प्रत्याशी निरंजन डाबर की ओर से अधिवक्ता सुनील जैन ने दायर की है। उसमें फोटो व दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए कहा है कि चुनाव के दौरान बघेल ने मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए विधानसभा क्षेत्र के लगभग सभी गांवों और शहरी क्षेत्र में 500 और 1000 रुपए के नोटों के अलावा बर्तन, सीमेंट व सरिया भी बंटवाया।
नामांकन फॉर्म में भी तथ्य छिपाया। फॉर्म के एक कॉलम में सरकारी बकाया के सामने निरंक लिखा जबकि उन पर कुक्षी क्षेत्र में जमीन डायवर्शन के पैसे बकाया हैं।
इंदौर में होगी सुनवाई
सभी याचिकाओं की सुनवाई इंदौर बेंच में ही होगी। नियमानुसार चुनाव याचिकाएं प्रमुख बेंच होने के नाते जबलपुर में ही प्रस्तुत करना होती है। मुख्ख्य न्यायाधिपति द्वारा वहां से याचिकाएं इंदौर खंडपीठ में स्थानांतरित की जाएंगी।
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