इंदौर. क्रिकेट वर्ल्ड में 'वेरी-वेरी स्पेशल' लक्ष्मण कहे जाने वाले प्लेयर वीवीएस लक्ष्मण गुरुवार को शहर में थे। सिटी भास्कर के साथ उन्होंने शेयर किए कुछ कैंडिड मोमेंट्स।
मेडिकल कॉलेज में एडमिशन हो गया था, सीट छोड़कर क्रिकेट में आया
मैं कभी क्रिकेटर नहीं बनना चाहता था। मेरे मदर-फादर
हैदराबाद के रिनाउंड डॉक्टर्स हैं। कई रिलेटिव्स भी डॉक्टर हैं। 10वीं क्लास में मैंने साइंस में स्टेट टॉप किया था। मेडिकल एंट्रेस एग्जाम पास करने के बाद हैदराबाद के एक मेडिकल कॉलेज में मुझे स्पोर्ट्स कोटा से सीट भी मिल गई थी लेकिन क्रिकेट में भी मुझे लगातार मौके मिल रहे थे जिन्हें में भुनाता गया।
मेरे पैरेंट्स ने मुझे कहा कि पांच साल क्रिकेट खेलो। सक्सेस नहीं मिलती तो वापस मेडिकल फील्ड में आ जाना। मैंने इस फ्रीडम को रिस्पेक्ट किया और क्रिकेट को प्रोफेशन बनाया।
जो भी सीखा, क्रिकेट ने सिखाया
ज़िंदगी में जो भी सीखा है वो क्रिकेट से ही सीखा है। कोई भी स्पोर्ट्स आपको सक्सेस और फेल्योर बहुत करीब से अनुभव करवाता है। बिहेवियरल ट्रेनिंग भी क्रिकेट से मिली क्योंकि हम एक टीम में थे।
क्रिटिसिज़्म और प्रेज़ को एक ही नज़र से देखना और उनसे सीखकर अपने आप को सुधारने की क्वालिटी भी क्रिकेट से मिली है। सबसे खास बात यह है कि सीखी की अपनी गलती को जितनी जल्दी सुधारें बेहतर होगा। हमें अगली ही बॉल पर पिछली वाली गलती को सुधारना होता था।
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