इंदौर. उर्दू स्कूल आजाद नगर से बच्चों की किताबें और अभ्यास पुस्तिका रद्दी में बेचे जाने की शिकायत की गई थी। मामले की जांच करने डीपीसी (जिला परियोजना समन्वयक) मंगलवार सुबह स्कूल पहुंचे। उन्होंने वहां का रिकॉर्ड चेक किया। इसमें एक शिक्षिका की प्रारंभिक तौर पर लापरवाही सामने आई। उन पर कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, सोमवार को उर्दू स्कूल से चार बोरे किताबें एक कबाड़ी को बेची गई थीं। स्कूल के सामने रहने वाले एक व्यक्ति ने कबाड़ी से ये पुस्तकें लेकर अपने पास रख ली थीं। स्कूल पहुंचे डीपीसी इंतेखाब खान ने सभी शिक्षकों को फटकारा कि उन्होंने बिना पूछे किताबें, अभ्यास पुस्तिकाएं रद्दी में कैसे बेच दीं? शिक्षकों ने जो जवाब दिए वे भी डीपीसी के गले नहीं उतरे।
शिक्षकों ने कहा- सफाई के दौरान बोरे बाहर रखे थे, कबाड़ी ने उसे उठा लिया था। इस पर डीपीसी ने कहा कि जवाब ऐसा दें जो सही हो। उन्होंने प्रभारी प्रधानाध्यापक और अन्य शिक्षकों से लिखित में स्पष्टीकरण मांगा।
शिकायतकर्ता से भी लिखित में लिया
सोमवार को सोफिया शेख और उनके पुत्र अलीम ने कबाड़ी से किताबें लेकर अपने पास रख ली थीं। डीपीसी ने उनसे किताबें लेकर जांच की। इनमें से ज्यादातर अभ्यास पुस्तिकाएं हैं। इसके अलावा तीसरी की अंग्रेजी, गणित, पर्यावरण अध्ययन और अन्य विषयों की किताबें भी हैं। डीपीसी ने सोफिया से भी पूरा मामला लिखित में लिया।
प्रारंभिक जांच में शिक्षिका दोषी
पूरे मामले की जांच कर रहे हैं, इनमें ज्यादातर अभ्यास पुस्तिकाएं और कुछ किताबें हैं। इन्हें बिना पूछे रद्दी में नहीं बेचा जा सकता। स्कूल के प्रधानाध्यापक सोमवार को छुट्टी पर थे। एक शिक्षिका शहनाज प्रारंभिक तौर पर दोषी पाई गईं। इस मामले में जो भी लोग शामिल हैं, उन सभी पर कार्रवाई होगी। उन्हें निलंबित तक किया जा सकता है।'
इंतेखाब खान, डीपीसी, राज्य शिक्षा केंद्र