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एलआईजी चौराहे से शिवाजी वाटिका तक दस-दस फीट चौड़ी होगी कॉमन लेन

7 वर्ष पहले
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इंदौर. बीआरटीएस की बॉटल नेक (एलआईजी से शिवाजी वाटिका चौराहे तक) को चौड़ा करने का प्रोजेक्ट तैयार हो गया है। एआईसीटीएसएल के बाद नगर निगम एमआईसी इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे चुकी है। दोनों ओर 3-3 मीटर (10-10 फीट) जमीन ली जाएगी। वर्तमान में बने फुटपाथ, साइकिल ट्रैक को पीछे कर दो लेन की कॉमन लेन को तीन-तीन लेन का किया जाएगा। इसी के साथ बिजली के खंभे, पेड़ सहित अन्य सुविधाएं भी शिफ्ट की जाएंगी।
करीब ढाई किमी के इस रूट में 70 से 80 प्रतिशत जमीनें निजी जमीन मालिकों की है, जिन्होंने एमओएस (मार्जिनल ओपन स्पेस) और सेट बेक के लिए जमीनें छोड़ रखी हैं। इन जमीन मालिकों को जमीन देने के बदले एफएआर (फ्लोर एरिया रेशो) और टीडीआर (ट्रांसफर एंड डेवलपमेंट राइट्स) का फायदा भी मिलेगा।
एआईसीटीएसएल बनाएगा, मॉनीटरिंग प्रशासन की
कॉरिडोर को चौड़ा करने की मूल योजना एआईसीटीएसएल की है। बोर्ड इसे मंजूरी दे चुका है। मेयर व कलेक्टर भी इस संबंध में निर्देश दे चुके हैं। चूंकि बीआरटीएस आईडीए से निगम को हैंडओवर हो चुका है, इसलिए इसे निगम से स्वीकृति लेना था। अब एमआईसी ने भी इसे मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के तहत यह काम होगा।
इसलिए जरूरी... और कई फायदे भी
- साल 2007 में शुरू हुए बीआरटीएस पर सबसे बड़ी समस्या ही साढ़े तीन किमी के बॉटल नेक में है।
- एलआईजी से नौलखा तक अभी कॉरिडोर की चौड़ाई 30 से 31 मीटर यानी 100 से 104 फीट है।
- एलआईजी से नौलखा तक तो परेशानी है ही, एलआईजी से पलासिया में सबसे ज्यादा वाहन चालकों की फजीहत होती है।
- अभी सिग्नल बंद होते ही दोनों ओर एमवी लेन में वाहनों की कतार लग जाती है।
- कोर्ट यदि बस लेन में फोर-व्हीलर का प्रवेश बंद कर दे तो परेशानी और बढ़ सकती है।
- इस हिस्से में मिक्स लेन दो से तीन लेन हो जाएगी तो बीआरटीएस का यह अहम प्रोजेक्ट सफल हो जाएगा।
- अभी एलआईजी से निरंजनपुर और नौलखा से राजीव गांधी प्रतिमा तक आरामदेह है, इसलिए बीच के हिस्से का चौड़ा होना जरूरी है।
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