इंदौर. प्रदेश सरकार अब व्यापारियों द्वारा जमा कराया जाने वाला इनपुट टैक्स रिबेट सालभर में ही लौटा देगी। अभी तक यह रिबेट पांच से छह साल में वापस मिलती थी। नए कर प्रावधानों में ऐसी व्यवस्था की गई है।
टैक्स प्रेक्टिशनर्स एसोसिएशन ने बुधवार को आयकर भवन में एक सेमिनार का आयोजन किया। इसमें वैट एक्ट में हुए संशोधनों को विस्तार से समझाया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कर सलाहकार आर.एस. गोयल ने बताया व्यापारियों को इनपुट टैक्स रिबेट की वापसी उसी साल में होगी। इसी प्रकार अब व्यापारियों को सी फाॅर्म नहीं देने के कारण निकलने वाली डिमांड का भी समाधान हो गया है।
इसमें कर आधिकारी के सामने 10 प्रतिशत रकम जमा कर आवेदन करने पर दो साल तक का समय मिल सकेगा। रिटर्न जमा नहीं करने या देरी से प्रस्तुत करने पर लगने वाली पेनल्टी की अधिकतम राशि को 10 गुना कर 50 हजार रुपए कर दिया है। कार्यक्रम में अध्यक्ष हितेश जे मेहता भी मौजूद थे। संचालन सचिव विक्रम गुप्ते ने किया। आभार एस.के. रामनानी ने माना।