जबलपुर. सालों बाद ऐसा हुआ जब नर्मदा जयंती पर्व पर रामपुर से ग्वारीघाट के बीच जाम की स्थिति निर्मित नहीं हुई। लेकिन ग्वारीघाट से मंगेली घाट तक का जल मार्ग जाम से बुरी तरह से भरा हुआ नजर आया।
इस मार्ग पर चलने वाली नावों में सवारियां लदी नजर आईं। अालम यह रहा है कि फायदे के लिए दो नावों को जोड़कर एक करके चलाया गया। जिसमें 70 से ज्यादा सवारियों को बैठाया गया था।
तकरीबन एक सैकड़ा नावों ने पूरे दिन में कई फेरे एक घाट से दूसरे घाट तक के लगाए। इस दौरान सुरक्षा के इंतजाम बौने साबित हुए। बिना लाइफ सेविंग जैकेट पहनाएं लोगों को नावों की सैर कराई जा रही थी। एक बार में वहीं दमोहनाका, तीन पत्ती व रेलवे स्टेशन से हर पांच मिनट में ग्वारीघाट के लिए मेट्रो बसों का संचालन हो रहा था। एक मेट्रो में 50 सवारियां भरकर गणेश मंदिर तक जा रहीं थीं। ऑटो में सवार लोग झंडा चौक तक जा रहे थे। मेट्रो जाम न लगाएं, इसलिए जबलपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस ने अपने 20 वालंटियर तैनात कर रखे थे। जो चालकों पर नजर रखने का कार्य कर रहे थे। एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर मेट्रो चालकों पर विशेष नजर रखी जा रही थी। वहीं निजी वाहनों से जाने वालों के भी मार्ग वने वे था।
ऑटो की सुविधा भी मिली
कई ग्रामीण क्षेत्र ऐसे हैं, जहां मेट्रो का संचालन नहीं होता है, यहां के लिए ऑटो ही बेहतर परिवहन का साधन हैं। यही कारण है कि अधिकांश लोग ऑटो में लदकर ग्वारीघाट तक आए। चूंकि ये ऑटो भी अवधपुरी के रास्ते झंडा चौक पहुंचे थे और वापसी में गणेश मंदिर से रामपुर होकर वापस लौटे इसलिए मार्ग में जाम की स्थिति निर्मित नहीं हुई।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट से ही जाएं
ग्वारीघाट पर लाखाें लोगों का जमावड़ा लगा, लेकिन बीच रास्ते में जाम की स्थिति निर्मित नहीं हुई। इसकी वजह पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिकाधिक चलना था। लोगों को पैदल भी कम चलना पड़ा। ट्रैफिक पुलिस ने लोगाें से यह अपील की है जिस तरह इस बार उन्होंने सहयोग दिया है, वैसे ही हर पर्व पर सहयाेग देते हुए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ही उपयोग करें।
भेड़ाघाट-तिलवाराघाट में जाम
इधर ग्वारीघाट मार्ग तो जाम मुक्त हो गया है, लेकिन भेड़ाघाट और तिलवाराघाट पहुंचने वालों के कारण यहां जाम के हालात बने। संबंधित थाना क्षेत्रों के पुलिस के इंतजाम बौने साबित हो रहे थे। लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा था। यहां फंसे लोगों ने यातायात व्यवस्था काे जमकर कोसा।
इनका कहना है
नर्मदा जयंती पर ट्रैफिक सुधारने पुख्ता इंतजाम किए थे। यही कारण रहा कि रामपुर से ग्वारीघाट मार्ग पर कहीं भी जाम नहीं लगा।
देवेन्द्र प्रताप सिंह राजपूत, एएसपी ट्रैफिक
20 वालंटियर लगाए थे
मेट्रो बसों के लिए 20 वालंटियर लगाए थे जो यह देखने का कार्य कर रहे थे कि मेट्रो बसों की वजह से कहीं भी जाम न लगे।
सचिन विश्वकर्मा, सीईओ जेसीटीएसएल