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गर्ल्स हॉस्टल में लड़कियों के कमरे में घुस जाते हैं सांप, बंदर मचाते हैं उत्पात

5 वर्ष पहले
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जबलपुर.  नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज की छात्राओं ने हॉस्टल में व्याप्त समस्याओं से त्रस्त होकर एक पत्र जारी किया है। इस पत्र में उन्होंने एक-एक समस्या को विस्तार से लिखा है। उनके कमरों की टूटी खिड़कियां, टूटे कांच जिससे सांप और गिरगिट तक घुस आते हैं, बंदराें की शैतानी, कमरों में व्याप्त सीलन, बदबू, गंदगी, पीने के पानी की समस्या के साथ ही चौकीदार समय लाल की बेबसी कि वह रात में कैसे मात्र एक लाठी के दम पर सैकड़ों छात्राओं की रक्षा के लिए तैनात रहता है।
 
छात्राओं ने पत्र में किसी भी नाम का उल्लेख नहीं किया है क्योंकि वे प्रबंधन से खौफ खाती हैं, पर अपनी समस्याओं को उजागर भी करना है इसलिए पत्र सीधे समाचार पत्र कार्यालय पोस्ट किया गया। इसमें बताया गया है कि हॉस्टल ग्राउंड में हर तरफ घास लगी है, जिससे जानवरों का खौफ रहता है। बंदर कई छात्राओं से सामग्री छीन चुके हैं और कई को नोंच भी चुके हैं। छात्राओं ने कहा कि हॉस्टल में हर तरफ गंदगी का आलम है, जिससे कई छात्राएं बीमार पड़ चुकी हैं। अब तो यहां जगह की भी कमी होने लगी है क्योंकि एमबीबीएस छात्राओं की संख्या बढ़ गई है और इससे पानी की भी समस्या हो गई है। छात्राओं की संख्या को देखते हुए पानी की सप्लाई कम है। छात्राओं का यह भी कहना है कि वर्षों से इस प्रकार की समस्याएं बरकरार हैं पर कोई समाधान आज तक निकलता नहीं दिख रहा है। आस-पास समस्या होने से सीधे तौर पर उनके पढ़ाई पर भी इस परोक्ष रूप से प्रभाव पड़ रहा है। जिसके कारण परीक्षा का परिणाम भी प्रभावित हो सकता है। 
 
पढ़ाई करें कि समस्याओं से निपटें 
छात्राओं ने पत्र में लिखा है वे रोजाना की समस्याओं से त्रस्त हो चुकी हैं, वे कॉलेज जाएं और पढ़ाई पर ध्यान केन्द्रित करें कि रोज-रोज की समस्याओं से निबटें। उनका कहना है िक हर तरफ गंदगी, घास, झाड़ियों के कारण पूरे हॉस्टल परिसर में मच्छरों की भरमार है, जिससे वे कमरों में बैठकर पढ़ तक नहीं पाती हैं।
 
महिला चौकीदार के पास फोन तक नहीं 
रात में समयलाल चौकीदारी करता है, वहीं दोपहर में आरती कदम नामक महिला रहती है, जिसके पास मोबाइल नहीं है। छात्राएं उससे कोई मदद नहीं ले पाती हैं न तो िकसी के आने-जाने के सम्बंध में ही बता पाती हैं। छात्राओं का यह भी कहना है िक वे शिकायत करने से डरती हैं क्योंिक प्रबंधन और अधिकारियों की सख्ती से सब डरते हैं।
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