जबलपुर. जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्विद्यालय में कृषि महोत्सव के अंतर्गत जिला स्तरीय
किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष भारत सिंह यादव ने कहा कि खेतों में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशक के अधिक उपयोग से खेतों की उर्रवरा शक्ति लगातार कमजोर हो रही है, ऐसे में खेत की जमीन बंजर हो जाएगी, इसिलए उन्हें कम्पोस्ट खाद को अपनाना होगा, ताकि जमीन की उर्रवरा शक्ति बनी रहे। इसके लिए पशुपालन को महत्व देना होगा। किसान घर के कचरे और गोबर से खाद बनाये।
इससे स्वक्षता भी होगी और खाद में आत्मा निर्भर भी होगे। उर्वरक का पैसा भी बचेगा।साथ ही गेहूं और धान के उपार्जन पर प्रति क्विंटल बोनस दिए जाने की बात कहते हुए किसानों से परंपरागत फसलों के साथ-साथ पशुपालन, डेयरी, मुर्गीपालन, मसाला फसलों जैसे- हलदी, मेथी, जीरा के उत्पादन की ओर ध्यान देने कहा। कलेक्टर शिवनारायण रूपला ने कहा कि राज्य सरकार का सबसे ज्यादा ध्यान कृषि और किसानों पर है, इसिलए कृषि महोत्सव का आयोजन किया गया है।