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हाईकोर्ट के फैसले से बाध्य होंगे महापौर पद के चुनाव

7 वर्ष पहले
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जबलपुर. ये मामले जबलपुर के ब्रज यादव, पनागर के प्रमोद पटेल, सिंगरौली के रामकेत शाह व अन्य की ओर से दायर किए गए हैं। इसी तरह इन मामलों में राज्य सरकार द्वारा महापौर पद पर किए गए आरक्षण की पूरी कार्रवाई को कटघरे में रखते हुए उसे दूषित निरूपित किया गया है। इसी तरह जबलपुर के सौरभ शर्मा व रीवा के अजय कुमार माधवानी की ओर से दायर याचिकाओं में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम का राजपत्र में प्रकाशन किए बिना ही 2 नवम्बर को पूरे राज्य के लिए घोषित किए गए कार्यक्रम को कटघरे में रखा गया है।
इन दोनों ही मामलों में राहत चाही गई है कि इस गंभीर त्रुटि के चलते पूरे प्रदेश में अब तक हुए चुनावों को शून्य घोषित किया जाए। साथ ही छिंदवाड़ा नगर निगम के गठन और होशंगाबाद जिले की नवगठित बनखेड़ी नगर पालिका परिषद के गठन को भी दो अन्य मामलों में चुनौती दी गई है।
इन मामलों पर हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आदर्शमुनि त्रिवेदी, अधिवक्ता राजेन्द्र मिश्रा, आशीष असीम त्रिवेदी, सुशील तिवारी, सत्येन्द्र ज्योतिषी, राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता पुरुषेन्द्र कौरव व राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ सेठ हाजिर हुए। सुनवाई के बाद युगलपीठ ने बिना कोर्ट की इजाजत के होशंगाबाद जिले की बनखेड़ी नगर परिषद के चुनाव कार्यक्रम घोषित करने पर रोक लगा दी।
साथ ही राजपत्र में प्रकाशन की अनिवार्यता से संबंधित मामलों, छिंदवाड़ा नगर पालिका को नगर निगम बनाए जाने से संबंधित मामलों और सभी 16 नगर निगमों के महापौर पद पर हुए आरक्षण की प्रक्रिया को चुनौती देने वाले मामलों पर सुनवाई 6 जनवरी को निर्धारित करते हुए महापौर पद के चुनावों को लेकर अंतरिम आदेश पारित किए।

पंचायतों से संबंधित याचिकाएं खारिज:प्रदेश की विभिन्न ग्राम पंचायतों, जिला पंचायतों और जनपद पंचायतों में आरक्षण, परिसीमन से संबंधित कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिकाएं चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने खारिज कर दी हैं। युगलपीठ ने कहा है कि इन याचिकाओं में जो मुद्दे उठाए गए हैं, उनमें याचिकाकर्ताओं के पास अपील व चुनाव याचिका दायर करने जैसे विकल्प पंचायत राज अधिनियम में मौजूद हैं, ऐसे में याचिकाकर्ता उन विकल्पों का उपयोग करें। इन मामलों में राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता पुरुषेन्द्र कौरव व निर्वाचन अायोग की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ सेठ ने पैरवी की।पी-1