जबलपुर. जब भी बारिश होती है पानी धार बनकर नीचे गिरने लगता है। वजह छत पर टूटे खपरैल लगे होना है। ऐसे में जमीन में बैठे बच्चे कभी एक-दूसरे को बचाते तो कभी मजे से भीगते हुए पढ़ाई करते हैं। यह हाल सुभाष नगर प्राथमिक शाला का है। जहां की छत अब चीख चीखकर मरम्मत मांग रही है। हर साल बरसात में छात्र-छात्राओं का बुरा हाल होता है।
शाला में पढ़ने वाले बच्चों ने बताया कि बारिश जैसे-तैसे उन्हें गुजारनी पड़ती है। उन्हें बड़ी ही कठिनाइयों के बीच बैठकर अध्ययन करना पड़ता है।
आलम यह रहता है कि भोजन करते समय भी वे जमीन पर बैठते हैं। उस समय यदि बारिश हो जाए तो भोजन पानी से बचाकर करना पड़ता है। कई बार शिकायत यहां की शिक्षिकाओं और छात्रों ने की, लेकिन हर बार उनकी अनसुनी कर दी गई। बताया जा रहा है कि छत की बल्लियां इतनी खराब हो गई हैं कि कब गिर जाएं कहा नहीं जा सकता। इसमें बच्चों की सुरक्षा पर भी प्रश्न चिन्ह लग रहा है। आंकड़ों के मुताबिक सौ से अधिक सरकारी स्कूलों की हालत खस्ता है। इसमें से अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों के अंंतर्गत आते हैं। सभी जगह मरम्मत की मांग की जा रही है, ताकि छात्र सुरक्षित पढ़ाई कर सकें।
निरीक्षण करूंगा
जल्द ही निरीक्षण कर स्कूलों की बदहाली का पता लगाऊंगा। मेरा यही प्रयास है कि स्कूलों की स्थिति बेहतर बने।
- एमएल पाठक, डीपीसी