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दलालों का रहनुमा था पार्सल क्लर्क, कार्रवाई में कई मामलों का हुआ पर्दाफाश

7 वर्ष पहले
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जबलपुर. रेलवे का काम छोड़ दलालों की रहनुमाई में जुटे एक पार्सल क्लर्क को विजिलेंस ने धर-दबोचा। इसी तरह सुपरफास्ट ट्रेन में ड्यूटी से नदारद पाए जाने वाले टीटीई के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। लगातार दबिश देने में जुटी विजिलेंस को आज भी एक साथ कई सफलताएं मिलीं।
पमरे की विजिलेंस टीम ने शुक्रवार को फिर सतना स्टेशन पर धावा बोल दिया। टीम को लगातार शिकायतें मिल रहीं थीं कि सतना स्टेशन के पार्सल कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी वेतन तो रेलवे से ले रहे हैं पर वो पूरे समय दलालों की नौकरी करते नजर आते हैं।
इस सूचना पर उप मुख्य सतर्कता अधिकारी आशीष वर्मा ने तत्काल निरीक्षक सादिक खान, मुकेश जैन, वासुदेव सरकार एवं अरुण श्रीवास्तव की एक टीम गठित कर मौके पर दबिश देने रवाना किया। पार्सल कार्यालय पहुंची टीम द्वारा वहां ड्यूटी पर तैनात लिपिक राजकुमार साहू के पास रखे कैश का मिलान किया तो 18 सौ रुपये कम पाए गए।
रंगे हाथों पकड़े गए कर्मी ने विजिलेंस को पूछताछ में बताया कि वो पिछले तीन माह से दलालों के सामानों की बुकिंग फोन पर ही कर देता था, बाकी का हिसाब-किताब कार्यालय के बंद होने पर किया जाता था। विजिलेंस ने पकड़े गए लिपिक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर विभागीय कार्यवाही के लिये रिपोर्ट विभाग को सौंप दी है।
ट्रेन से नदारद था टीटीई

नई दिल्ली से रीवा आ रही सुपरफास्ट ट्रेन में भी विजिलेंस ने दबिश दी। इस पूरी ट्रेन में जांच करने पहुंची टीम को उस दौरान एक भी चैकिंग कर्मी नहीं मिला। मामले की तह तक जाने के बाद विजिलेंस को पता चला कि टीटीई जवाहर लाल पटेल रीवा के बजाय सतना में उतर कर अपने घर पर पहंुचकर आराम फरमा रहा था। ट्रेन के गंतव्य स्थान तक नहीं जाने के आरोप में टीटीई जवाहर लाल के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।