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लाल हो जाते हैं बच्चों के चेहरे, रोटरी ने बिगाड़ दिया है यातायात

7 वर्ष पहले
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जबलपुर. तीन पत्ती पर जाम लगना कोई नई बात नहीं, हर कुछ देर में यहां एक बार जाम लगता है और इन दिनों उस समय तो निश्चित ही जाम लगता है, जब एक साथ स्कूल छूटते हैं। क्वांर की इस धूप में जब बच्चे चाहे साइकिल पर हों, मां-बाप के साथ दोपहिया पर हों या फिर ऑटो पर जाम में उनके चेहरे देखकर रोना आता है।
इन मासूमों के चेहरे बिलकुल लाल हो जाते हैं, पसीने की बूंदें टपकती हैं तो माता-पिता का कलेजा भी छलनी हो जाता है, बस किसी को फर्क नहीं पड़ता है तो वह है यहां का क्रूर प्रशासन। बच्चों और आम लोगों की इस समस्या को न तो नगर निगम समझ पा रहा है और न ही जिला प्रशासन।
तीन पत्ती की रोटरी को यातायात के लिहाज से खतरनाक तक माना गया और यातायात विभाग के अधिकारियों ने सर्वे में भी पाया कि यह आवाजाही के लिए बाधा है और इसे यहां से हर हाल में हटाना चाहिए, उसके बाद भी इसे हटाना तो दूर व्यवस्था तक बनाने में लापरवाही की जा रही है। रोटरी जब हटेगी तब हटेगी, यहां के अतिक्रमण तक नहीं हटाए गए। रोटरी एक तरह से रोना बन गई है, पर इसके बाद भी नगर निगम ने इसे कलेजे से लगाकर रखा है।
नगर निगम के एमआईसी सदस्य, पार्षद और अधिकारी कई बार सरकारी खर्चे पर शहर से बाहर गए और बड़े शहरों की यातायात व्यवस्था का जायजा लेकर लौटे और उनमें से कई ने तो यह तक कहा कि अब बड़े शहरों में बड़ी रोटरी का जमाना नहीं रहा, इसके बाद भी नगर निगम ने तीन पत्ती चौक की रोटरी पर कोई कार्रवाई नहीं की।
मात्र 8 लाख रुपयों से इस चौक का विकास किया गया था और यह 8 लाख रुपए शहर पर भारी पड़ रहे हैं, क्योंकि नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि खर्च किए गए रुपयों के कारण ही इसे हटाया नहीं जा पा रहा है।