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कांग्रेस जुटी विधानसभावार हार की समीक्षा करने में

6 वर्ष पहले
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जबलपुर। नगर निगम चुनाव परिणामों के बाद अब कांग्रेस द्वारा हार की समीक्षाा भी की जा रही है। इसके लिए महापौर की प्रत्याशी रहीं श्रीमती गीता शरत तिवारी द्वारा वार्ड-वार्ड कार्यकर्ताओं एवं वार्ड के हारे हुए प्रत्याशियों से मुलाकात की जा रही है। इस दौरान उनके द्वारा हार के कारणों को पूछा जा रहा है। पूरे शहर की जानकारी लेने के बाद उनके द्वारा इसकी पूरी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिवक्ता एवं कांग्रेस नेता विवेक तन्खा को सौंपी जाएगी।
बताया जाता है कि कांग्रेस की महापौर प्रत्याशी द्वारा हार की समीक्षाा के दौरान अनेक चौंकाने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं। जिन वार्डों में कांग्रेस के वार्ड प्रत्याशी जीते हैं, उनमें पार्टी की महापौर प्रत्याशी को उतने वोट नहीं मिले हैं। इसके साथ ही उनके द्वारा यह भी जानकारी जुटाई जा रही है कि किन-किन नेताओं द्वारा पार्टी के लिये काम नहीं किया गया और किनके द्वारा भितरघात कर कांग्रेस के िवरोध में काम किया गया। हार की समीक्षाा विधानसभावार भी की जा रही है कि किस विधानसभा में कितने वाेटों से पार्टी की हार हुई है।पी-1

पश्चिम और पूर्व की रिपोर्ट
बताया जाता है कि श्रीमती तिवारी द्वारा अभी तक पश्चिम और पूर्व विधानसभा क्षेत्र की हार की समीक्षा की जा चुकी है। उनके द्वारा इन क्षेत्रों में वार्ड के हारे हुए प्रत्याशियों से मुलाकार कर पूरी जानकारी जुटाई गई हैं। इसके साथ अब उनके द्वारा केंट, उत्तर, मध्य और पनागर विधानसभा क्षेत्र में हार के कारणों का पता लगाया जाएगा। केंट विधानसभा में 9 फरवरी को वार्ड के हारे हुए प्रत्याशियों से मुलाकात की जाएगी।
नहीं हुए निर्दलीय को मनाने के प्रयास
समीक्षा के दौरान एक तथ्य सामने आया है कि वार्ड में खड़े हुए निर्दलीय प्रत्याशियों को मनाने के प्रयास संगठन और क्षेत्र के नेताओं द्वारा नहीं किए गए। इसके कारण वार्ड के प्रत्याशी अपने-अपने लिए वोट मांगने में लगे रहे। उम्मीदवारों द्वारा महापौर प्रत्तयाशी को जितवाने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए।
60 वार्डों में वार्ड प्रत्याशियों से कम वोट
जिस प्रकार समीक्षाा की गई, उसके अनुसार कांग्रेस की महापौर प्रत्याशी को नगर निगम के 79 वार्डों में से लगभग 60 वार्डों में वार्ड प्रत्याशियों को कम वोट मिले हैं। इसके कारणों का पता लगाया जा रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि किस वार्ड में संगठन ने काम किया और कहां पर संगठन शांत बैठा रहा।