जबलपुर। शहर से लगे हुए जंगलों एवं मुख्य सड़कों के किनारे अाम लोगों द्वारा बंदरों को भोजन देने तथा उनके साथ होने वाली छेड़खानी पर वन विभाग नजर रख रहा है। इस कार्य में पकड़े जाने पर लोगों को तीन साल की सजा तथा 25 हजार की राशि का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके लिए वन विभाग ने अपने कर्मियों को ट्रेनिंग भी देकर ऐसे क्षेत्रों में विशेष नजर रखने के निर्देश जारी किए हैं, जहां पर बंदरों का जमावड़ा रहता है। वन विभाग को देखने में यह आया है कि बंदर जंगलों से बस्तियों की ओर आ रहे हैं और वे लोगों से घुलमिल गए हैं। इसके कारण अब बंदरों द्वारा बस्तियों में उत्पात भी मचाया जा रहा है। कुछ लोग आस्था के चलते भगवान का रूप मानते हैं और उन्हें तरह-तरह की खाद्य सामग्री खिलाकर पुण्य का कार्य समझते हैं।
वन विभाग की इन क्षेत्रों पर नजर- वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बंदरों काे लाई, चना, मुरमुरा, केला सहित अन्य सामग्री लोगों द्वारा खिलाई जाती है। वे सड़कों पर आकर लोगों द्वारा दिए जाने वाली खाद्य सामग्री का इंतजार करते हैं और इसके चलते अनेक बंदर वाहनों की चपेट में भी आ जाते हैं। इन घटनाओं से साल भर में सैकड़ों बंदरों की मौत हो जाती है। मुख्य रूप से चूल्हा गोलाई, हल्की, रम नपुर की घाटी, नागा घाटी सहित कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पर बंदरों की संख्या बहुत अधिक है।
कुत्ते कर रहे वन्य प्राणियों पर हमला- वन विभाग को यह भी पता चला है कि कुछ क्षेत्र में लोग मेस में बचा हुआ खाना जंगलों में डाल देते हैं, इसके कारण आवारा कुत्तों की इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मौजूदगी बनी रहती है। इन कुत्तों द्वारा जंगल में चीतलों पर हमला किया जाता है। ऐसे क्षेत्रों में चूल्हा गोलाई और डुमना का क्षेत्र शामिल है, जहां पर बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते हैं। वन विभाग की तैयारी है कि जो लोग इन क्षेत्रों में खाना फेंकते हैं उन्हें नोटिस देकर वन्य प्राणी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए।
उड़नदस्ता बनाया जाएगा- वन विभाग द्वारा जल्द ही ऐसी कार्रवाई के लिए उड़नदस्ता बनाया जाएगा, जिसके द्वारा विभाग के चिन्हित क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण कर लोगों को पकड़ा जाएगा। पकड़े गए लोगों के विरुद्ध वन्य प्राणी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस जारी किए जाएंगे
वन विभाग ने ऐसे क्षेत्रों में नोटिस जारी करने की सूची तैयार की है, जो लोग वन क्षेत्रों में खाना फेंकते हैं और पालतू कुत्ते खाते हैं और वे वन्य प्राणियों पर हमला करते हैं। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित कर लोगों को पकड़कर और नोटिस देकर कार्रवाई करें।
वन विभाग द्वारा ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है, जहां पर लोगों द्वारा उन्हें खाद्य सामग्री दी जाती है। विभाग ने इसके लिए योजना तैयार की है कि ऐसे लोगों के विरुद्ध वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए, जिससे बंदरों को ऐसे हालात से बचाया जा सके।
- रजनीश पांडे, एसडीओ