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लापरवाही का 'परमिट', बिजली कर्मी की मौत

7 वर्ष पहले
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जबलपुर. विद्युत विभाग में लापरवाही कोई नई बात नहीं, लेकिन इसकी वजह से एक कर्मचारी को अपनी जान गंवानी पड़ी। जानकारी के अनुसार पाटन से तकरीबन 5 किमी पहले ग्राम कंतौरा में बिजली का सुधार कार्य किया जा रहा था। दोपहर एक बजे सह्रश्वलाई बंद करने का परमिट लिया गया और इसके बाद यूज जोडऩे के लिए कर्मचारी नारायण मालवीय खंभे पर चढ़ गया। बिजली कर्मी ने जैसे ही तार छुआ उसके शरीर में हाईटेंशन लाइन का करंट दौड़ गया। जोर के झटके के साथ कर्मचारी नीचे गिर गया। इस दौरान मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारी उसकी तरफ दौड़े। युवक को तत्काल ही उपचार के लिए जबलपुर की ओर रवाना किया गया, लेकिन यहां पहुंचने के साथ ही चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जांच-पड़ताल शुरू
वैसे तो इस मामले पर विाागीय जांच- पड़ताल शुरू कर दी गई है, लेकिन घटना के साथ ही कई तरह के सवाल भी खड़े हो रहे हंै। जानकारों का कहना है कि कर्मचारियों की जिन्दगी के मामले में इस तरह की लापरवाही को आखिर कब तक बर्दाश्त किया जाता रहेगा। वहीं मप्र विद्युत तकनीकी कर्मचारी संघ का आरोप है कि परमिट जारी होने के साथ ही सह्रश्वलाई बंद कर दी गई थी, लेकिन ठेकेदार के ऑपरेटर ने लाइन चालू कर दी। संघ ने राहत राशि प्रदान किए जाने के साथ ही दोषियों पर सत कार्यवाही की मांग उठाई है।
चंद रोज पहले शादी
जिस घर में चंद दिनों पहले शादी की खुशहाली समा नहीं पा रही थी आज उसी घर में मातम छा गया। बताया जा रहा है कि संविदा कर्मचारी नारायण मालवीय का हाल ही में 23 जनवरी को विवाह हुआ था। अवकाश के बाद बिजली कर्मी ने दो दिन पहले ही अपनी ड्यूटी ज्वॉइन की थी। इस घटना के साथ ही मृतक के परिजनों और बिजली कर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई।