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धुर्रे उड़ गए सड़कों के, गढ़ा की अधिकांश सड़कें चलने लायक नहीं

7 वर्ष पहले
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जबलपुर. अब बारिश ने थोड़ा ब्रेक लिया है, पर इसके बाद भी सड़कों की मरम्म्त का कार्य नहीं कराया जा रहा है। कुछ सड़कें तो कम बारिश में भी ऐसी हो गई हैं िक अब इन पर चलना कलेजे वालों के वश का ही रह गया है।
िजन सड़कों को बने हुए अभी 6 माह भी नहीं बीते थे उन्हीं सड़कों के धुर्रे उड़ते देखना कुछ अजीब लग रहा है, पर इसके बाद भी नगर िनगम ने ठेकेदारों के िखलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। ठेकेदारों को िसर्फ यही कहा गया है िक मरम्मत की जाए, जबकि उनके िखलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
नगर िनगम ने िपछले 6 माह के दौरान कई सड़कों का डामरीकरण कराया और इस पर करोड़ों रुपए फूंके गए, पर अब यही सड़कें दम तोड़ रही हैं। रानीताल कछपुरा मार्ग इतना जर्जर हो गया है िक इस पर चलना मुश्िकल हो गया है। रानीताल से राइट हैंड की ओर वाली सड़क पर कई स्स्थानों पर बड़े गड्ढे हो गए हैं और यहां अब लोग िगर कर घायल भी हो रहे हैं।
नगर िनगम का रोना है िक इस तरफ सड़क के नीचे पेयजल लाइन है, िजसे िनकाले िबना ही सड़क बनाई गई है और इसके कारण यहां हमेशा ही सड़क की स्थिति खराब रहेगी। गोरखपुर से छोटी लाइन फाटक की ओर जाने वाली सड़क पर पहले कभी इतने गड्ढे नहीं थे, इस सड़क ने कई स्थानों पर दम तोड़ िदया है।
इसके साथ ही कटंगा ितराहा तो इन िदनों आवाजाही करने वालों की परीक्षा लेने पर उतारू है। गढ़ा की सड़कों की तो बात करना ही बेमानी है। हाल ही में कुछ कांक्रीट की सड़कें बनी हैं, लेकिन डामर की बनी हुई सड़कें तो जरा सी बारिश में ही बह गई हैं।