जबलपुर. जबलपुर क्षेत्र के लोगों के लिए खुशखबरी है। शनिवार को दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों और प्रदेश के मुख्यमंत्री के बीच हुई बैठक में यह तय हुआ है कि जबलपुर में उर्वरक फैक्टरी लगाई जाए। इसके साथ ही छतरपुर में भी इस्पात कारखाने को स्थापित करने पर सहमति बनी है। केन्द्र सरकार के सहयोग से यह दोनों कारखाने लगाए जाएंगे।
इसके अलावा राज्य में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के औषधि अनुसंधान एवं उत्पादन संस्थान तथा पॉलीमर पार्क की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा भोपाल में पाइप लाइन के जरिए रसोई गैस की सप्लाई होगी। मुख्यमंत्री
शिवराज सिंह ने राज्य में औद्योगिकीकरण को गति देने के लिए मध्यप्रदेश भवन में इस बैठक का आयोजन कराया था।
बैठक में केन्द्रीय रसायन एवं उवर्रक मंत्री अनंत कुमार, केन्द्रीय इस्पात मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान एवं उवर्रक राज्य मंत्री निहाल चंद एवं भारतीय इस्पात प्रािधकरण (सेल) के अध्यक्ष चन्द्रशेखर वर्मा, राज्य के मुख्य सचिव एंटोनी डिसा और गेल के अध्यक्ष, तथा केन्द्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बीना रिफायनरी की क्षमता बढ़ेगी
भोपाल में पाइप के जरिए रसोई गैस की आपूर्ति की योजना को भी हरि झंड़ी िमल गई है। बीना स्थित भारत-ओमान तेलशोधन संयंत्र की क्षमता ढाई गुना करने का निर्णय हुआ। बुनियादी आधार के रूप में पेट्रो रसायन उत्पादों की उपलब्धता की दृष्टि से बीना तेल शोधन संयंत्र की क्षमता बढ़ाने पर मंत्रणा की गई। प्रथम चरण में इसकी क्षमता 6000 एमएमटीपीए से बढ़ाकर 8000 तथा बाद में 15000 एमएमटीपीए करने का लक्ष्य तय किया गया ।
कार्यसमूह करेगा निगरानी
मुख्य सचिव के समन्वय में केन्द्र सरकार के उवर्रक एवं रसायन मंत्रालय, इस्पात मंत्रालय तथा पेट्रोलियम एवं गैस मंत्रालय के अधिकारियों का एक संयुक्त कार्यसमूह गठित किया गया है। इस समूह की 30 सितम्बर को भोपाल में बैठक होगी। जिसमें इन आठों विषयों के क्रियान्वयन को लेकर विचार किया जाएगा। कार्यसमूह में सेल एवं गेल के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
बैठक में ये निर्णय भी हुए
- भोपाल में आईआईटी की तर्ज पर राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान स्थापित होगा। भोपाल में जमीन भी चिन्हित की जा रही है।
- भोपाल के प्लास्टिक इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान चार हजार से बढ़ाकर सात हजार छात्र प्रतिवर्ष की जाएगी।
- छतरपुर जिले में निम्न गुणवत्ता वाला लौह अयस्क उपलब्ध है। सेल से कहा गया है कि वह इस स्थान पर लौह अयस्क को निकालकर उसे आधुनिक तकनीक से परिष्कृत करने के लिए एक इस्पात संयंत्र की स्थापना की दिशा में काम करे।
- बालाघाट जिले में विश्व का सर्वाधिक उत्तम गुणवत्ता वाला मैग्नीज पाया जाता है।
{राज्य सरकार ने इसके उत्पादन को बढ़ाने और इसका मूल्य संवर्धन राज्य में ही करने की व्यवस्था पर बल दिया ।
- ग्वालियर के निकट एक पॉलीमर पार्क की स्थापना के प्रस्ताव को भी विचार के लिए स्वीकार किया गया है।