जबलपुर. कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित दरहाई में हेमलता राठौर व उसकी मासूम बेटी की मौत के मामले में मृतका के मायके वालों ने सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि उनकी बेटी हेमलता ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि उसकी हत्या की गई है और इस मामले में राजनैतिक दबाव के चलते पुलिस मामले को निपटाने में जुटी नजर आ रही है।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग प्रशासन से की है। इस मामले में मृतका हेमलता के भाई सचिन राठौर ने अपने लिखित बयान में आरोप लगाया है कि हेमलता और उसकी बेटी की अंत्येष्टि के समय मां विमला बेन राठौर ने जब हेमलता के शव पर हाथ फेरा तो माथे पर चोट के निशान व सूजन नजर आ रही थी।
उसे देखकर ऐसा महसूस हो रहा था कि उसकी हत्या करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने आशंका जतायी कि दबाव के चलते पुलिस ने मामले में हेमलता को बेटी का कातिल बातते हुए उसके द्वारा आत्महत्या करने की कहानी गढ़ी है, जबकि हकीकत में उसकी हत्या की गई है।
परिजन इस बात से भी आक्रोशित हैं कि घटना में मृतका की सास को आरोपी बनाया गया था, लेकिन पुलिस द्वारा अब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। परिजनों ने शासन-प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर न्याय की गुहार लगायी है।
पूरी रात रखा रहा शव-मृतक की पत्नी ने पुलिस को बताया कि हमलावरों के खौफ के चलते कोई मदद को नहीं आया और डर के मारे वह थाने नहीं पहुंची। घटना के बाद पति के शव को उठाकर घर पर रख लिया था। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पीएम के लिए भेज हत्या का मामला दर्ज किया।