जबलपुर. हाईकोर्ट में नौकरी लगवाने का झांसा देकर बेरोजगार युवकों को पौने तीन लाख की चपत लगाने की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। बेरोजगार युवकों का कहना है कि जालसाज बिहार का रहने वाला है और यहां पर फर्जी तरीके से रहकर हाईकोर्ट में नौकरी करना बताता था।
बेरोजगारो की नौकरी नहीं लगने पर जब उन्होंने पैसे वापस मांगे तो जालसाज ने पैसे देने में आनाकानी शुरू कर दी। परेशान होकर बेरोजगारों ने थाने में शिकायत की, जिस पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गोविंद भवन आरटीओ कंपाउंड निवासी 24 वर्षीय आकाश गुप्ता ने शिकायत देकर बताया कि वह प्रायवेट जाॅब करता है और अक्टूबर 2013 में अंग्रेजी कोचिंग जाता था। वहां पर कोचिंग में पढ़ने वाले मोहम्मद आशिक अली से उसकी पहचान हुई।
उसने बताया कि वह हाईकोर्ट में स्टेनोग्राफर है और उसकी पहचान है। वह हाईकोर्ट में नौकरी लगवा सकता है। कुछ समय बाद उसने कहा कि हाईकोर्ट में भर्ती निकली है और जल्द ही नौकरी लगवा सकता है।
यह बात आकाश ने अपने साथी जितेन्द्र को बतायी तो जितेन्द्र ने कहा कि उसकी भी नौकरी लगवा दो। बातचीत के बाद आकाश और जितेन्द्र ने आशिक अली को 2 लाख 80 हजार रुपये दिए थे।
पैसे लेने के बाद जालसाज उन्हें टरकाता रहा। काफी समय बीतने पर जब उन्होंने रुपए वापस मांगे तो उन्हें अपने साथ हुई ठगी का पता चला और फिर दोनों ने थाने में शिकायत दी थी। पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद जालसाज के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
फर्जी निकला नाम
शिकायत में बताया गया कि नौकरी नहीं लगने पर जब उन्हेाने हाईकोर्ट में पता किया तो उन्हें जानकारी मिली कि आशिक हाईकोर्ट में नौकरी नहीं करता। उसने खुद काे नया मोहल्ला का रहने वाला बताता था, लेकिन वह नया मोहल्ला में नहीं रहता। जानकारी जुटाने पर पता चला कि वह बिहार से यहां आकर नाम पता बदल कर रह रहा है।
पकड़ा गया आरोपी
सिविल लाइन पुलिस के अनुसार बेरोजगारों को ठगे जाने की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी आशिक अली पिता जाकिर अली उम्र 25 वर्ष को पकड़ा गया है। वह मूलत: बिहार के दरभंगा का रहने वाला है, जो यहां पर बजरंग काॅलोनी में ठिकाना बनाकर रह रहा था।