जबलपुर। मप्र के वकील मंगलवार को अदालतों में हाजिर नहीं होंगे। यह आह्वान स्टेट बार काउंसिल ने चीफ जस्टिस की कोर्ट के बहिष्कार को लेकर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के आंदोलन को समर्थन देते हुए किया है। काउंसिल ने सभी संघों से कहा है कि वे एक ज्ञापन जिला एवं सत्र के न्यायाधीश के माध्यम से भारत के प्रधान न्यायाधीश को भेजकर सीजे के तबादले की मांग करें।
गौरतलब है कि निचली अदालतों में 5 साल की अवधि से लंबित मुकदमों को 31 मार्च तक निपटाने और अन्य प्रशासनिक आदेशों के खिलाफ हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा चीफ जस्टिस की कोर्ट का बहिष्कार पिछले सोमवार से किया जा रहा है। संघ के इस आंदोलन को जिला बार और हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन ने भी अपना समर्थन िदया है। बीते शुक्रवार को हाईकोर्ट बार के सिल्वर जुबली हॉल में आयोजित सभी अधिवक्ता संघों की संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से बहिष्कार जारी रखने का निर्णय लिया गया था।
इसी कड़ी में स्टेट बार काउंसिल ने भी प्रदेश भर के वकीलों से चीफ जस्टिस के तबादले को लेकर मंगलवार 10 फरवरी को अदालतों में हाजिर न होने का आह्वान किया था। काउंसिल के कार्यकारी सचिव मुकेश मिश्रा ने अपील की है कि प्रदेश के सभी अधिवक्ता शालीनतापूर्वक प्रतिवाद दिवस मनाएं और अपने-अपने ज्ञापन चीफ जस्टिस ऑफ इण्डिया को भेजें।