मेडिकल विवि के एकेडिमक आगाज के साथ अब आगे की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। मेडिकल और डेंटल के 24 काॅलेजों का ऐफीलिएशन 15 िदनों में पूरा होगा तो इन काॅलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को विवि जल्द ही नया एनरोलमेंट नम्बर भी जारी करेगा। विवि जो एनरोलमेंट नम्बर जारी करेगा वह मात्र नामांकन नहीं होगा, बल्कि इसमें यूनिक आइडी की तरह सब कुछ होगा। छात्र जैसे ही एनरोलमेंट नम्बर बतायेगा उसकी पूरी कुण्डली बाहर आ जायेगी।
जबलपुर। जानकारी के अनुसार प्रदेश के किसी भी मेडिकल या डेंटल कालेज में पढ़ने वाले छात्र को अलग से परीक्षा के समय कोई रोल नम्बर जारी नहीं होगा, बल्कि एनरोलमेंट नम्बर ही रोल नम्बर का काम करेगा। इसमें कालेज का कोड, कोर्स काेड, सरकारी काॅलेज हैं या फिर निजी कॉलेज सभी कुछ होगा। 10 अंकों की ऐसी डिजिट तैयार की जायेगी जो पूरी पढा़ई के समय उपयोग की जायेगी।
यदि कोई त्रुटि या परेशानी सामने आती है तो समाधान इस स्थिति में तुरंत होगा। इस दिशा में विवि ने काम करना शुरू कर दिया और शुरूआत में करीब 6 हजार छात्रों को ऐसा नम्बर जारी किया जायेगा। विवि में इस पर काम रहे अधिकारी कहते हैं कि यह यूनिक आईडी के तरह काम करेगा।
विवि तक बार-बार चक्कर से मुक्ति मिलेगी साथ ही कॉलेज में जो परीक्षा प्रबंधन का काम अधिकारी देखेंगे उन्हें भी िकसी तरह से परेशानी सामने नहीं आयेगी।
नये कॉलेज भी देंगे आवदेन
आने वाले एक डेढ़ साल में यदि कोई नया मेडिकल या फिर डेंटल कॉलेज प्रदेश में खुलता है तो उसे जबलपुर मेडिकल विवि से ही ऐफीलिएशन लेना पड़ेगा। क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों से ऐसे कॉलेज अब मुक्त हो चुके हैं। विवि के कुलपति डॉ. डीपी लोकवानी कहते हैं िक छात्रों को ऐसे नम्बर देंगे जो यूनिक आईडी का काम करेगा।