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मेट्रो बसों में जल्द लगेंगे कैमरे, ओव्हरलोडिंग की समस्या से निपटने का तरीका

7 वर्ष पहले
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जबलपुर. लाख कोशिशों के बाद भी मेट्रो और मिनी मेट्रो में ओव्हरलोडिंग की समस्या कम नहीं हो रही है। सवारियां भी मनमाना किराया लेने की शिकायत कर रही हैं। यही वजह है कि जबलपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड ने बसों के भीतर कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। कैमरे सभी बसों में लगाएं जाएंगे, इसका कंट्रोल रूम जेसीटीसीएल का ऑफिस होगा। यहां से सीईओ खुद मेट्रो आैर मिनी मेट्रो पर नजर रखने का काम करेंगे। कैमरे के लिए प्रपोजल तैयार कर राज्य शासन को भेजा गया है।

शहर के लिए 50 बड़ी और 69 छोटी मेट्रो बसों की खरीदी की गई है। इनमें से कुछ बसों का संचालन ग्रामीण क्षेत्रों में भी हो रहा है। सभी मार्गों पर चलने वाली बसें सवारियों से ठसाठस रहती हैं। आलम यह रहता है कि कुछ लोगों को दरवाजे के पास लटके हुए भी देखा जा सकता है। यह हाल सड़कों पर चलने वाली अधिकांश बसों का है। इसलिए बसों के भीतर कैमरे लगाने की योजना है। कैमरों के जरिए बसों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने का पता चल जाएगा।

लगेगा जुर्माना: कैमरे लगने के बाद लोगों में आत्मविश्वास बढ़ेगा। अभी जो दिक्कत मेट्रो बसों में आ रही हैं, उसमें सवारियां शिकायत कहां करें यह उन्हें समझ नहीं आता है। कई बार जो फोन नंबर बसों में अंकित होता है वह ऑपरेटर का होता है और वहां शिकायत करने पर उसमें आसानी से लीपा पाेती हो जाती है। इस तरह सवारियां बिना कोई शिकायत के सिटी बसों में सफर करती रहती है, परंतु कैमरे लगने के बाद बसों के भीतर की हर गतिविधि पर नजर होगी। किसी भी गलती का खामियाजा बस ऑपरेटरों को जुर्माना देकर भुगतना होगा।

कैमरों के लिए राज्य शासन को प्रपोजल तैयार कर भिजवाया गया है। कैमरे आते ही सिटी बसों में फिट कर दिए जाएंगे, कंट्रोल रूम जेसीटीसीएल का कार्यालय होगा। कैमरे लगने के बाद सवारियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा उनमें सुरक्षा की भावना पनपेगी।
- सचिन विश्वकर्मा, सीईओ,जेसीटीसीएल