जबलपुर. प्रदेश में पहली बार ईव्हीएम से नगर निकाय एवं पंचायत के चुनाव कराए जाएंगे। इसके लिए पूरे प्रदेश में लगभग 50 हजार ईव्हीएम की जरूरत होगी। इसमें से 20 हजार से अधिक ईव्हीएम पहले ही पहुंच चुकी हैं। इन चुनावों को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए निर्वाचन आयोग अधिकारियों को ट्रेनिंग दे रहा है। यह बात आज कलेक्ट्रेट में आयोजित प्रेसवार्ता में राज्य निर्वाचन आयुक्त आर. परशुराम ने बताई। उन्होंने बताया कि जबलपुर नगर निगम का नया परिसीमन होने तथा छिंदवाड़ा में नगर निगम का पहली बार गठन होने के कारण यहां पर दिसंबर माह में चुनाव कराए जाएंगे।
बाकी सभी निकाय चुनाव नवंबर माह में कराए जाएंगे। चूंकि जबलपुर में नगर निगम चुनाव दिसंबर में कराए जाने हैं इसलिए यहां नगर पालिका एवं नगर पंचायत के नवंबर में चुनाव होने के बावजूद वोटों की गिनती दिसंबर माह में एक साथ कराई जाएगी। प्रदेश में ग्राम पंचायत के चुनाव जनवरी माह में कराए जाएंगे। प्रेसवार्ता के दौरान संभागायुक्त दीपक खाण्डेकर, कलेक्टर शिवनारायण रूपला उपस्थित थे।
दो मशीनों का होगा प्रयोग
उन्होंने बताया कि नगर निकाय चुनाव के दौरान एक ही बूथ पर दो मशीनें वाेटिंग के लिए रखी जाएंगी। मतदाताओं द्वारा एक वोट महापौर या नगर पालिका व नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए डाले जाएंगे, वहीं दूसरा वोट वार्ड पार्षद के लिए डाला जाएगा। यही स्थिति ग्राम पंचायत चुनाव के लिए होगी।
एक साथ होगी वोटों की गिनती
निकाय चुनाव के लिए वोटों की गिनती एक साथ कराई जाएगी। जबलपुर जिले में वोटों की गिनती नगर निगम चुनाव के बाद के बाद एक साथ कराई जाएगी। यही िस्थति पंचायत चुनाव की होगी। ग्राम पंचायत के वोटों की िगनती अब जनपद स्तर पर होगी।
6 चरणाें में होंगे चुनाव
उन्होंने बताया कि प्रदेश में निकाय चुनाव 6 चरणाें कराए जाएंगे, इसलिए पुलिस बल चुनाव के दौरान पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होगा। उम्मीदवारों को स्वयं अपनी सुरक्षा करनी होगी, निर्वाचन आयोग कोई सुरक्षा व्यवस्था मुहैया नहीं कराएगा।