( डेमो फोटो )
जबलपुर । बगैर हैलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों के खिलाफ यातायात पुलिस लगातार मुहिम चला रही है। अभी जो ंिस्थति है, उसके मुताबिक रोजाना तीन सौ के लगभग चालान बनाए जा रहे हैं, उसके बावजूद युवा वर्ग ऐसा है, जिसमें खासकर स्कूली विद्यार्थी शामिल हैं, जो हैलमेट लगाने से गुरेज करते हैं। यही वजह है कि यातायात पुलिस ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर दोपहिया वाहन से स्कूल आने वाले विद्यार्थियों को बगैर हैलमेट प्रवेश पर पाबंदी लगाने कहा है।
स्कूलों के बाहर से अचानक निकलने वाली छात्र-छात्राओं की भीड़ को रोकना यातायात पुलिस के लिए मुश्किल होता है। ऐसे में हर विद्यार्थी के ऊपर चाहकर भी कार्रवाई नहीं हो पाती। इधर हाईकोर्ट के सख्त आदेश हैं कि दोपहिया वाहन चलाते समय हैलमेट लगाना अनिवार्य है, इसलिए यातायात पुलिस ने डीईओ से सहयोग मांगा है। दुर्घटनाओं के आंकडे भी यह बताते हैं कि मरने वालों में 5 प्रतिशत युवा होते हैं।
डीईओ ने आदेश किया- इधर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने भी यातायात पुलिस से पत्र मिलते ही सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों को, आदेशित करते हुए लाइसेंस धारक वाहन चलाने वाले छात्र-छात्राओं को हैलमेट पहन कर ही प्रवेश देने की बात कही है। इसके लिए प्रवेश द्वार पर अलग से गार्ड तैनात करने कहा है, जो ऐसे विद्यार्थियों पर नजर रख सके। ^डीईओ को पत्र लिखकर दोपहिया वाहन से स्कूल आने वाले लाइसेंस धारक छात्र-छात्राओं पर नजर रखने कहा है, उन्हें बगैर हैलमेट प्रवेश न देने की बात कही गई है।
-सुरेन्द्र जैन, एएसपी ट्रैफिक
सभी विद्यार्थी हैलमेट पहनें
युवा प्रकोष्ठ नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के सदस्यों ने कलेक्टर शिवनारायण रूपला को ज्ञापन सौंपकर स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों पर हैलमेट लगाने की अनिवार्य लागू करने की बात कही है। प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मनीष शर्मा के अनुसार कोचिंग संस्थानों के छात्र अब भी बगैर हैलमेट वाहन चला रहे हैं। ऐसे कोचिंग संस्थानों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाए।
बगैर हैलमेट मिल रहा पेट्रोल
इधर सड़कों पर बगैर हैलमेट चलना मुश्किल हो गया हैं, वहीं तमाम आदेशों के बाद भी जिला प्रशासन पेट्रोल पंप संचालकों और शासकीय कार्यालयाें में लगाम नहीं कस पाया है। यहां अब भी बगैर हैलमेट पेट्रोल मिल रहा है तो अधिकारी-कर्मचारी बिना हैलमेट कार्यालयों में प्रवेश कर रहे हैं।