जबलपुर| समग्र आईडी मैपिंग में कोताही बतरने के कारण तीन सौ िनजी स्कूलों की मान्यता खतरे में पड़ गई है। इन स्कूलों की मान्यता समाप्त करने का प्रस्ताव तैयार िकया जा चुका है, िजसे िजला परियोजना समन्वयक कार्यालय से िजला िशक्षा केन्द्र और वहंा से मंत्रालय भेजा जाएगा।
इन सभी स्कूलों के िवद्यार्थियों को सरकारी स्कूलों में मर्ज िकया जाएगा। वहीं 20 में से 4 सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों का भी िनलंबन होना तय है। शासन छात्र-छात्राओं की मैपिंग कराने की बात िवगत डेढ़ साल से कह रहा है। इसके लिए कई बार बैठकें आयोजित की गईं, प्राचार्यों और स्कूल संचालकों को ये आदेश िदये गये िक वे समय से मैपिंग पूरी कराएं, लेकिन िनजी स्कूल संचालकों ने एक न सुनी, मैपिंग कार्य पूरा न होने के कारण िवद्यार्थियों की छात्रवृत्ति का िवतरण नहीं हो पा रहा है।
यही वजह है िक शासन ने अपना रवैया सख्त कर िनजी स्कूलों की मान्यता समाप्त करने का िनर्णय िलया और सरकारी स्कूलों की गफलत के लिए उनके प्राचार्यों को दोषी मानते हुए िनलंबन की कार्रवाई करने कहा।