जबलपुर. यह याचिका विवेक सिंह की ओर से दायर की गई है। आवेदक का कहना है कि रादुविवि में संचालित हो रहे बी-फार्मा के कोर्स के लिए विवि के पास एआईसीटीई और पीसीआई की संबद्धता नहीं है। याचिका में आरोप है कि एडमीशन के दौरान बी फार्मेसी विभाग और रादुविवि की ओर से छात्रों को यह नहीं बताया जाता कि बी-फार्मा के कोर्स की संबद्धता उनके पास नहीं है।
जानकारी के अभाव में छात्र दाखिला ले लेते हैं। आवेदक का कहना है कि एक साल की पढ़ाई के बाद जब संबद्धता की बात आती है तो विभाग के एचओडी कोई संतोषजनक जवाब छात्रों को नहीं दे पाते हैं। आरोप है कि फीस के रूप में 45 हजार रुपए विवि की बजाय एचओडी द्वारा अनावश्यक रूप से वसूले जाते हैं, जो पूरी तरह से अवैधानिक है।
इस बारे में कुलपति और रजिस्ट्रार को शिकायत देने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर यह याचिका दायर की गई। मामले में रादुविवि के कुलपति, रजिस्ट्रार और बी फार्मेसी विभाग के एचओडी को पक्षकार बनाया गया है। बुधवार को हुई सुनवाई के बाद युगलपीठ ने नावेदकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।