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नगर निगम के आरक्षण संविधान के विपरीत

7 वर्ष पहले
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जबलपुर. नगर निगम में आरक्षण प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सामान्य प्रशासन के प्रमुख सचिव तथा इलेक्शन कमिश्नर काे नोटिस जारी किए हैं। जस्टिस राजेन्द्र मेनन तथा जस्टिस एनके गुप्ता ने मामले की अगली सुनवाई दिसम्बर माह के पहले सप्ताह में तय की है। याचिकाकर्ता संजीव पाण्डेय की ओर से दाखिल की गई याचिका में आरोप लगाया गया है कि संविधान के अनुच्छेद 243 टी 1 में साफ प्रावधान रखा गया है कि जो आरक्षण होगा, वह जनसंख्या के आधार पर और रोटेशन वाइस होगा। दूसरी ओर नगर पालिक अधिनियम के अनुच्छेद 29 ए में यह प्रावधान कर दिया गया है कि जिस क्षेत्र विशेष में जिस समुदाय का घनत्व ज्यादा होगा, उसे ही आरक्षण दिया जाएगा।
याचिकाकर्ता का अारोप है कि नगर पालिक अधिनियम में यदि कोई संशोधन जरूरी है तो इससे पहले संविधान में संशोधन पहले किया जाता। इस कारण इस तरह का बदलाव पूरी तरह से अवैधानिक है, क्योंकि इससे रोटेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं होती। प्रकरण पर सुनवाई करने के बाद हाईकोर्ट ने राज्य शासन के प्रमुख सचिव, मुख्य चुनाव आयुक्त को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। मामले में याचिकाकर्ता की आेर से अधिवक्ता नमन नागरथ तथा राजेश चंद पैरवी कर रहे हैं।