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डाउनलोड करेंजबलपुर. शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के द्वारा एक पत्रकार को थप्पड़ मारा जाना महज एक गलती थी या फिर जानबूझकर किया गया ऐसा। एक शंकराचार्य का मन बहुत ही शांत स्वभाव का होता है फिर मोदी के बारे में एक सवाल पूछे जाने पर आखिर क्यों स्वरूपानंद सरस्वती ने ऐसा किया?
आपको बता दें कि देश में कई शंकराचार्य हैं लेकिन मुख्य रूप से दो शंकराचार्य ही मान्यता प्राप्त हैं। पहले हैं द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती और दूसरे हैं कांची कामकोटि पीठ के स्वामी जयेंद्र सरस्वती। स्वरूपानंद पहले शंकराचार्य नहीं हैं जो विवादित हुए हैं। मान्याता प्राप्त जयेंद्र सरस्वती भी विवादों के घेरे में रह चुके हैं। जयेंद्र सरस्वती पर तो मर्डर केस चल रहा था। उन पर अपने ही मठ के प्रबंधक शंकररमण की हत्या का आरोप लगा था।
शंकररमण की हत्या 3 सितंबर 2004 को हुई थी। उस दिन नरक चतुर्दशी थी जिसे बुराई पर अच्छाई की विजय का दिन माना जाता है। लेकिन इस दिन ने तो एक तपस्वी को ही मर्डर का आरोपी बना दिया।
आज के इस पैकेज में हम आपको बताने जा रहे हैं जयेंद्र सरस्वती के इस विवादित मामले के बारे में जिसमें शंकररमण की हत्या की गई थी।
आगे की स्लाइड में जानें इस मामले के बारे में विस्तार से-
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