जबलपुर। आईटीआई से पाटन सड़क को एक समय ड्रीम रोड़ का नाम दिया गया था, इस क्षेत्र को सपना दिखाया गया था कि यह ड्रीम रोड़ शीघ्र ही फोरलेन का आकार लेगी। दुख की बात है कि एक साल में मात्र दस फीसदी ही काम हो पाया है। यानी 36 माह में फोरलेन निर्माण का कार्य दस कदम ही आगे बढ़ सका है। इस कार्य की सुस्त गति के पीछे एक ओर जहां कंपनी द्वारा काम में तेजी न लाना बताया जा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर विभाग के अधिकारियों की रुचि भी सामने नहीं आ रही है। जिस गति से इसका निर्माण हो रहा है, उसे देखकर तो ऐसा लग रहा है कि निर्धारित समय सीमा 2016 में पूरी तो छोड़ाे 50 फीसदी सड़क निर्माण हो जाए तो आश्चर्य वाली बात होगी।
वर्ष 2015 में प्रारंभ हुआ है काम
आईटीआई से पाटन तक 91 करोड़ रुपए से बनने वाली फोरलेन निर्माण के लिए जनवरी 2015 में काम प्रारंभ हुआ है। जिसे 2016 में पूरा करना है। इस फोरलेन के काम शुरू होने से पहले लोगों को यह सपना दिखाया गया था कि शीघ्र ही यह सड़क बनकर तैयार हो जाएगी और यहां के लोगोें को आवागमन का सुलभ मार्ग उपलब्ध हो सकेगा। इस दौरान कार्य भी प्रारंभ हुअा तो लोगों को इस बात का विश्वास भी हुआ कि जल्द ही इस सड़क को नया स्वरूप मिलेगा, लेकिन कुछ दिन सब कुछ ठीक-ठाक चलने के बाद अचानक ही काम की गति में सुस्ती आ गई। सुस्ती भी ऐसी आई कि अब काम में गति आने का नाम ही नहीं ले रहा है।
एक कंपनी काे किया जा चुका है टर्मिनेटविभागीय सूत्र बताते हैं कि फोरलेन निर्माण के लिए 20 फरवरी 2013 को निविदा जारी की गई। इस दौरान
हैदराबाद की रेमके कंपनी ने निविदा मेंे हिस्सा लिया था उसे काम तो दे दिया गया, लेकिन कंपनी ने समय पर कार्य प्रारंभ नहीं किया, जिसके चलते उक्त कंपनी को टर्मिनेट कर दूसरी कंपनी कोनकास्ट को काम दिया गया है। इस कंपनी द्वारा काम तो प्रारंभ कर िदया गया है, लेकिन उसकी गति में तेजी नहीं आई है।
38 किमी लंबी बनना है सड़क
एमपीआरडीसी की इस सड़क को फोरलेन का रूप देने के लिए बीओटी के तहत कार्य कराया जा रहा है। आईटीआई से शहपुरा बायपास तक करीब 38 किमी लंबी सड़क का िनर्माण किया जाना है, जिसमें आईटीआई से बायपास चौराहा तक फोरलेन सड़क रहेगी। इसकी चौड़ाई 21 मीटर रहेगी। इसके बाद शहपुरा बायपास तक टू-लेन सड़क बनेगी। इस सड़क की चौड़ाई 12 मीटर तय की गई है।
सड़क की चौड़ाई भी बढ़ाई गई
बताया जाता है कि सड़क निर्माण की योजना के तहत काम पूरा होने पर लोगों को वर्तमान हालात से तीन से चार गुना चौड़ी सड़क मिलने का सपना दिखाया गया है। इस सड़क की चौड़ाई वर्तमान में 3.6 मीटर है, जिसे अब 12 मीटर तक बढ़ाई जा रही है। पी-4
अभी 10 फीसदी
ही काम हुआ है
आईटीआई से पाटन तक बनने वाली सड़क का अभी तक 10 फीसदी काम ही पूरा हुआ है। कंपनी को काम में तेजी लाने कहा गया है।
-मनोज जैन, एजीएम एमपीआरडीसी,