जबलपुर. मेडिकल काॅलेज अस्पताल के ऊपरी मंजिलों के वार्डों में घोर अव्यवस्था का आलम है। यहां िजन्दा आदमी की कोई सुनने वाला नहीं तो मरने वालों के साथ कैसा व्यवहार िकया जा रहा है, इसको सहज ही समझा जा सकता है। इसकी बानगी भी देखिए कि वार्ड नम्बर 19 में आज दोपहर 12 बजे के करीब एक अज्ञात मरीज भर्ती िकया गया और कुछ देर बाद इस पीड़ित की मौत हो गई।
मौत के बाद कायदे से इस अज्ञात मृतक को तुरंत मुर्दाघर में भेज िदया जाना था, पर मृत्यु के बाद दो से तीन घण्टे तक उसके हाथ में िड्रप लगी रही पर कोई देखने वाला नहीं आया। जब कार्यकर्ताओं ने हल्ला, हंगामा मचाया तब कहीं जाकर मृतक के शव को मरचुरी भेजा गया।
मानव मोक्ष उत्थान समिति के अाशीष ठाकुर के अनुसार उसने स्टाफ से कहा िक इस मृत व्यक्ति को मरचुरी में भेजने की व्यवस्था करें, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं िदया गया। लाश पलंग पर पड़ी थी और िजम्मेदार हमेशा की तरह अपने ऐसे काम में व्यस्त थे, जो कम से कम यहां की ड्यूटी में शामिल नहीं हैं।
श्री ठाकुर के अनुसार काफी िमन्नतों के बाद 2 से 3 घण्टे के उपरांत मृतक को मुर्दाघर ले जाने की व्यवस्था हो पाई। मृतक की आयु 30 से 35 साल के बीच बताई जाती है और उसकी िकसी तरह से पहचान नहीं हुई है। अब समिति के कार्यकर्ता रविवार को मृतक का अंतिम संस्कार करेंगे।
ऐसा संभव नहीं
इस तरह के मामले की मुझे पूरी जानकारी नहीं है। ऐसा संभव नहीं है िक जान-बूझकर ऐसी लापरवाही की गई हो। कुछ टाइम लग सकता है, लेकिन अनदेखी नहीं की जाती है।
-डॉ. राजेश ितवारी, उप अधीक्षक, मेडिकल