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ली शपथ.. उपराजधानी बनाकर ही लेंगे दम, जिद करेंगे तो मिलेगा हक

8 वर्ष पहले
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जबलपुर. आम और खास सभी ने धर्मगुरुओं के समक्ष लिया आंदोलन का संकल्प, 1 फरवरी को मालवीय चौक पर धरना और जुलूस, बैठक में आए एक से एक सुझाव लोगों में वह आक्रोश और जज्बा पनप चुका है, जिसने दिल्ली में हड़कंप मचा दिया था, जिसने दुनिया की कई सरकारों को हिलाकर रख दिया ठीक वैसा ही दम आज धर्म गुरुओं के सामने नजर आया जब सैकड़ों आम और खास ने शपथ लेते हुए हुंकार भरी कि अब वे शहर को उपराजधानी बनाकर ही दम लेंगे। अब वे किसी के सामने गिड़गिड़ाएंगे नहीं, बल्कि अपने हक की लड़ाई लड़कर शहर को उसका पुराना गौरव प्रदान करेंगे।

उपराजधानी का आंदोलन 1 फरवरी से शुरू हो रहा है और वसंत का यह मौसम निश्चित ही शहर के लिए कोई न कोई खुशखबरी वाला होगा। जबलपुर नागरिक मंच के तत्वावधान में आज समन्वय सेवा केन्द्र में बैठक आयोजित कर शहर के सभी धर्मगुरुओं, राजनीतिक, गैरराजनैति क संगठनों के प्रतिनिधियों और आम शहरियों को आमंत्रित कर सुझाव मांगे गए। इसी मौके पर सभी ने एक साथ संकल्प लिया कि अब उपराजधानी मिलने तक वे आंदोलन करते रहेंगे, न राजनीति आड़े आएगी और न ही कोई बाधा उत्पन्न होगी। लोगों का उत्साह और जज्बा देखकर लगा कि शहर के बेटे शहर को न्याय दिलाकर ही रहेंगे।

जिद करेंगे तो मिलेगा हक

समन्वय सेवा केन्द्र छोटी लाइन फाटक में संस्कारधानी को उपराजधानी बनाने एकजुट हुए प्रबुद्धजनों ने संकल्प लिया कि वे अब किसी भी हाल में पीछे हटने वाले नहीं हैं। मंच पर विराजमान स्वामी अखिलेश्वरानंद महाराज ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि हम जब पृथक महाकोशल और राजधानी की जिद करेंगे, तब कहीं जाकर हमें हमारा उपराजधानी का हक मिल पाएगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब तक बच्चा नहीं रोता तो उसकी मां भी उसे दूध नहीं पिलाती। उपराजधानी भी किसी एक का अधिकार नहीं, बल्कि यह जन-जन की आवाज बननी चाहिए। मंच पर इस दौरान स्वामी मुकुंददास जी, ब्रह्मचारी त्रिलोकजी, सि[1]ख समाज के जीएस मैनी एवं सोहन सिंह रील, मौलाना जियउर रहमान चांद कादरी, गायत्री परिवार के यूडी टंडन, फादर डेविस जॉर्ज, भूरे पहलवान, पं. रोहित दुबे आदि की उपस्थिति रही।

सबने दिए अपने सुझाव

बैठक में ईसाई संघ के अरविंद एंड्र्यूज, बंगाली समाज के शंटू पाल, रादुविवि के पूर्व कुलपति सुरेश्वर शर्मा, वेटरनरी के पूर्व कुलपति डॉ. जीपी मिश्रा, महिला संगठन की गीता शरद तिवारी, कांग्रेस के संजय यादव, पाषर्द नरिंदर सिंह पांधे, मुकेश राठौर, पंकज पांडे, डीएस बैरागी, जसपाल ओबेराय, जैन समाज के डॉ. डीसी जैन आदि ने संबोधित करते हुए एक ही बात कही कि इस शहर से अब तक छीना ही गया है। राजधानी लेकर, हमें सिर्फ हाईकोर्ट का झुनझुना दिया गया, उसका भी विखंडन हो गया। एकजुटता की बात करते हुए सभी ने संकल्प लिया कि वे इस अभियान में हरसंभव मदद करने की बात कहते हुए अपने सुझाव भी दिये।

जनजागृति करने होंगी चार सभाएं

जबलपुर नागरिक मंच की इस बैठक में 1 फरवरी को सुबह 11 बजे से 1 बजे तक धरना देने का निर्णय लिया गया। वहीं दोपहर 1 बजे रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने की बात मंच का संचालन कर रहे डॉ. पीजी नाजपांडे ने कही। बैठक में तय हुआ कि इस कार्यक्रम के पहले शहर में जनजागृति अभियान चलाया जाएगा और इसके लिए चार सभाएं की जाएंगी। मंच ने तय किया कि सभा की शुरूआत 27 जनवरी से बड़ा फुहारा से होगी इसके बाद 28 जनवरी को गणोश चौक सदर में, 29 जनवरी को मुस्लिम क्षेत्र व 30 जनवरी को मदन महल चौक में सभा की जाएगी। बैठक में अनिल मिश्रा, सत्येन्द्र जैन जुग्गू, चमन श्रीवास्तव, मनोज सेठ, शिव यादव, देवेन्द्र सरीन, रामलखन यादव, हेमराज अग्रवाल, राजेश पाठक प्रवीण, डॉ. संजय चौधरी, अमरनाथ शर्मा, नरेश उपाध्याय, जगदीश सैनी, गोविंद यादव, राजेश माहेश्वरी, उमाशंकर अवस्थी, हरि विश्वकर्मा, कढ़ोरीलाल यादव, नारायण यादव, योगेश गनोरे, केआर लड़िया, एसआर कुंभारे, अनिल पचौरी, सोहनलाल खंत्री, आरएन मिश्रा, एमबीएस जग्गी, अरुण दुबे, अरुणकांत अग्रवाल, डॉ. प्रशांत मिश्रा, मतीन अंसारी, सईद मालगुजार, वेदप्रकाश अधौलिया, कृपाशंकर वर्मा, एसडी शर्मा, अरुण गुप्ता, प्रदीप दुबे, इसरार अहमद, हाजी साबित अली, डेंजिल पॉल, एकता ठाकुर, सुशीला कनौजिया, दुर्गा परोहा, सलमा खान, गीता पांडे सहित सैकड़ों की संख्या में शहर के गणमान्य जन उपस्थित रहे।

साथ नहीं छोड़ना है

मंच के संरक्षक व उद्योगपति पं. विश्वनाथ दुबे ने कहा कि सब साथ मिलकर चलेंगे तो बहुत सारी बातें सामने निकलकर आएंगी, यह कोई छोटी लड़ाई नहीं हैं। हमें इसके लिए संघर्ष करना पड़ेगा और इसमें समय लगेगा, इसलिए किसी को साथ नहीं छोड़ना है। उन्होंने कहा कि वे अगर आज यहां हैं तो इस शहर के लिए हैं और आप भी इसी शहर के लिए उपस्थित हैं। यह तेरा या मेरा वाला काम नहीं है, इसलिए संस्कारधानी के लिए सभी को एकजुट होना होगा।

युवाओं को जोड़ना होगा

पूर्व राज्यमंत्री चंद्रकुमार भानोत ने कहा कि उपराजधानी के लिए बुजुर्ग नेतृत्व करें और युवा आगे आएं, तभी हम सफल होंगे। सिर्फ बैठक और बात करने से नहीं, बल्कि संघर्ष से उपराजधानी मिलेगी इसके लिए एकजुट होना होगा वे संकल्प लेकर सहयोग करने तैयार हैं। सुनहरा अवसर है जबलपुर चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रेम दुबे ने कहा कि यह सुनहरा अवसर है, इसलिए मुझे लगता है कि जो सपना हम देख रहे हैं, वह साकार होगा। इस अभियान से अभी लोगों को जोड़ने की जरूरत है, जिससे इसमें और गति आए और हमारी आवाज भोपाल और दिल्ली तक पहुंचे।

उचित प्लेटफॉर्म तक पहुंचाएंगे

जेडीए के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि वे प्रदेश में काबिज सत्ता दल से जुड़े हुए हैं, इसलिए उनका पहला काम है कि यह जो मांग उठी है, उसे उचित प्लेटफार्म तक पहुंचाएं। जबलपुर के लिए वे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और सीएम से भी बात करेंगे।

यहां सब कुछ है

डॉ. जितेन्द्र जामदार ने कहा कि जबलपुर मेडिकल के क्षेत्र का केन्द्र था, लेकिन आज मरीज नागपुर, इंदौर और मुंबई की बात करते हैं। जबलपुर आखिर क्यों पिछड़ा है यह सोचने का विषय है, जबकि इस शहर में सब कुछ है। अब अगर हमें विकास करना है तो इस मुहिम को लगातार चलाना होगा।

पीछे हटने वाले नहीं

कांग्रेस नेता नरेश सराफ ने कहा कि हमने बहुत आंदोलन किए हैं और लाठी खाईं हैं और जेल भी गये हैं, इस आंदोलन के लिए भी हम तैयार हैं, अब अगर चल पड़े हैं तो किसी हाल में पीछे नहीं हटेंगे।

लगन होना जरूरी है

डॉ. राजेश धीरावाणी ने कहा कि हमारे गुरुजी सत्यमित्रानंद जी से सीएम ने चर्चा की थी और उन्होंने कहा था कि इस दिशा में वे प्रयास करेंगे तो हमें भी यहां बैठकर नहीं, बल्कि भोपाल में आवाज बुलंद करना है। उपराजधानी के लिये लगन और जज्बे की जरूरत है, इसके लिए हम अपनी तरफ से हर सहयोग देने तैयार हैं।

राजनैतिक इच्छाशक्ति नहीं रही होगी

उद्योगपति डॉ. कैलाश गुप्ता ने कहा कि जबलपुर को तो भारत की राजधानी होना चाहिए, लेकिन इसे राजधानी का भी दर्जा नहीं मिला, इसके पीछे जरूर राजनैतिक इच्छाशक्ति की कमी कारण रहा होगा। जब 3 दिन की इन्वेस्टर्स मीट में शहर में सड़क और बिजली की स्थिति सुधर सकती है तो समझा जा सकता है कि विधानसभा का एक सत्र यहां होगा तो विकास तो होगा ही। उपराजधानी के लिए जो भी तैयारी वह की जाएं, वे हर स्तर पर इसके लिए लड़ने को तैयार हैं।