जबलपुर। जिला मुख्यालय यानी कलेक्ट्रेट, जब यहीं की पार्किंग व्यवस्था बेपटरी हो गई तो शहर की पार्किंग सुधारने किससे कहा जाएगा। कलेक्ट्रेट में वाहन स्टैण्ड के नाम पर केवल तीन-चार युवकों की टोली काम कर रही है, वह भी सीटी मारकर वाहन मालिकों से पैसा वसूलने के काम करने में ज्यादा व्यस्त है। वाहन कहीं भी खड़े हों, उन्हें इससे कोई सराकार नहीं है।
वाहन स्टैण्ड की अराजक स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिसकी जहां मर्जी होती है, वह वहीं वाहन खड़े करके चल देता है। इस बेपटरी व्यवस्था के लिए जितने दोषी वाहन चालक, स्टैण्ड संचालक हैं उससे कहीं अधिक दोषी यहां के वे जिम्मेदार अधिकारी हैं, जिन्हें पांच माह पूर्व ही कलेक्टर ने यहां की पार्किंग व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे, लेकिन उन्होंने अपनी जिम्मेदारी का समय रहते निर्वहन नहीं किया।
अलग-अलग वाहन खड़ा करने की थी तैयारी
कलेक्टर शिवनारायण रू पला ने पदभार ग्रहण करने के बाद पूरे कलेक्ट्रेट परिसर का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिसर में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने निर्देश दिए थे। इसके बाद हर जगह वाहन को बेतरतीब तरीके से खड़ा देख उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया था कि जितनी जल्दी हो सके यहां की व्यवस्था सुधारी जाए। उस वक्त तो उपस्थित अधिकारियों ने हां में हां भी मिलाई, मगर इसके बाद व्यवस्था जस की तस ही रह गई है।
खटाई में पड़ी योजना
बताया जाता है कि कलेक्टर के निर्देश के बाद आनन-फानन में यहां के अधिकारियों ने पार्किंग व्यवस्था सुधारने के नाम पर कागजों पर योजना तैयार की। इस योजना के तहत अधिकारियों व कर्मचारियों के वाहन अलग-अलग खड़े किए जाने के साथ ही उन्हें विभागवार एक कार्ड दिया जाएगा, जिसमें वाहन नंबर के साथ ही विभाग का नाम भी लिखा होगा। इसी तरह से स्टैण्ड में भी पट्टिका लगाई जाने की बात कहीं गई थी, ताकि कर्मचारी उक्त पट्टिका के अनुसार ही वाहन खड़ा कर सकेंगे। यह सारी योजना कागज में बनाकर कलेक्टर को दिखाई भी, लेकिन 5 माह बाद भी इस पर कोई अमल नहीं हो सका है।
परिसर मेंें वाहनों की धमाचौकड़ी
बिगडैल पार्किंग व्यवस्था का यह आलम है कि अब यहां आने वाला व्यक्ति जहां इच्छा हो वाहन खड़ा कर रहे हैं। इससे पूरे कलेक्ट्रेट परिसर में वाहनों की धमाचौकड़ी मच रही है, यानी कलेक्ट्रेट की पूरी पार्किंग लडख़ड़ा गई है। इस ओर ध्यान देने वाला कोई अधिकारी नहीं है।
युवकों की भी मनमानी
वाहन स्टैण्ड पर प्रशासनिक अधिकारियों की नजर नहीं पड़ने से अब स्टैण्ड में तैनात युवकों की भी मनमानी शुरू हो गई है। लोगों से मनमाना पैसा वसूलने से लेकर अभद्रता करने की शिकायतें भी अब आम हो चली हैं, जिससे यहां आने वाले लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।