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ओटी से मरीज बिना आॅपरेशन के वापस, मरीज के परिजनों को बहलाने की कोशिश

7 वर्ष पहले
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जबलपुर. ऑपरेशन से बचने से लिए मेडिकल कॉलेज के सर्जनों ने नई तरकीब िनकाल ली है। िजसमें मरीज की तसल्ली के िलए उसे ऑपरेशन िथएटर तक तो ले जाया जाता है, लेकिन कोई न कोई नया बहाना बनाकर उसे िफर से वार्ड में तड़पने के िलए छोड़ िदया जाता है। हालात इतने खराब हो गए हैं िक मेडिकल में पहुंचने वाले मरीज आशंिकत रहते हैं िक उनका ऑपरेशन होगा भी या नहीं। खासकर जनरल सर्जरी और अस्थि रोग िवभाग के सर्जनों ने यह फण्डा कुछ ज्यादा ही अपनाया है।
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सच्चाई यही है िक जब सर्जन आॅपरेशन न करे तो िफर हजार बहाने बना सकता है, उसकाे उस दशा में कौन चुनौती दे सकता है। अपनी िजम्मेदारी से पीछे हट रहे कुछ सर्जन िकसी भी स्थिति में आॅपरेशन करने के िलए तैयार नहीं होते। अस्थि रोग विभाग में आॅपरेशन समय पर न हो पाने का कारण मरीज ज्यादा होना और ओटी कम बताया जा रहा है।
इसी तरह से पलंग न होने का भी बहाना आम है। िजसमें एक ही राग आलापा जाता है िक मरीज ज्यादा हैं, इसलिए सभी मरीजों को पलंग नहीं िदया जा सकता। हालांिक चेहरे और कद देखकर मरीज को सारी सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाती हैं।