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लुटेरों के घर की महिलाओं ने सरपंच को न्यायालय परिसर में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

5 वर्ष पहले
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इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर व्यापारी के साथ हुई लूट में पकड़े गए तीन आरोपियों को न्यायालय द्वारा जेल भेज दिए जाने के आदेश के बाद उनके घर की महिलाओं ने न्यायालय परिसर में ही सरपंच को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। महिलाओं का आरोप है कि सरपंच ने पुलिस के साथ मिलीभगत कर हमारे घरवालों को पकड़वाया जबकि असल आरोपी कोई और है। महिलाओं ने थाना प्रभारी व एक सब इंस्पेक्टर पर 20 हजार रुपए रिश्वत लेने का आरोप भी लगाया है। दरअसल पूरा मामला नेशनल हाईवे पर स्थित ग्राम मोहनपुरा में 31 जनवरी की रात कल्याणपुरा के व्यापारी के साथ हुई लूट से जुड़ा है। पुलिस ने तीन आरोपी मुन्ना वालसिंह कतिजा निवासी गड़वाड़ा, कमलेश उर्फ कम्मू पिता कलसिंह भाबर निवासी मोहनपुरा व मुन्ना पिता बाबू डामोर निवासी मोहनपुरा को गिरफ्तार किया था। सोमवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। इस दौरान तीनों आरोपियों के घरवाले और ग्राम पंचायत डूंगराधन्ना का सरपंच लिम्बा बाहर खड़े थे। जहां से तीनों को जेल भेजने के आदेश हो गए। बस इस बात को लेकर आरोपियों के घर की महिलाओं ने अचानक सरपंच लिम्बा को पीटना शुरू कर दिया। उनका कहना था सरपंच की वजह से ही हमारे घरवाले फंसे। सरपंच जैसे-तैसे न्यायालय परिसर से बचकर निकला और एसपी ऑफिस की तरफ दौड़ लगा दी। उसकी जैकेट वहीं छूट गई। तब तक परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई।

लुटेरे की दिव्यांग बहन एसडीओपी के सामने जमीन पर लोट कर बोली हमारे साथ न्याय हो
झाबुआ . पुिलस के सामने िदव्यांग संगीता लोट लगाकर अपने भाई को बेकसूर बताती रही। (इनसेट में सरपंच को पीटती महिलाएं व अन्य।)

आरोप झूठे हैं, लूट का माल जब्त किया था
कोई कुछ भी आरोप लगा दे तो उससे क्या होता है। लूट की रकम, मोबाइल और जैकेट उनके पास से ही बरामद किया। आरसी भास्करे, थाना प्रभारी, झाबुआ

एसपी ऑफिस के बाहर आधा घंटे तक चला तमाशा
महिलाएं और अन्य लोग दौड़ते हुए एसपी कार्यालय के बाहर पहुंचे। तब तक एसडीओपी एसआर परिहार भी आ गए। यहां लगभग आधे घंटे तक हंगामा चलता रहा। आरोपी मुन्ना की दिव्यांग बहन संगीता ने एसडीओपी के सामने जमीन पर लौट लगा दी और बोली मेरा भाई बेकसूर है। उसे जबरन फंसाया गया है। एसडीओपी समझा बुझाकर अपने कार्यालय ले गए।

पैसे लेने के बाद भी नहीं छोड़ा
महिला संगीता वालसिंह, वेस्ता पिता जुवानसिंह, वालसिंह पिता पीदू आदि ने बताया पुलिस उनके यहां पूछताछ के लिए आई थी। और वापस चली गई। इसके बाद हमारी पंचायत का सरपंच लिम्बा आया और बोला लूट में तुम्हारे घरवाले का नाम आ रहा है। यदि तुम 20 हजार रुपए दे दो तो बच जाओगे। पुलिस तीनों को पूछताछ के लिए ले गई थी। हमनें टीआई आरसी भास्करे व एसआई एमएल भाटी को 18 हजार रुपए भी दिए। इसके बाद भी उन्होंने झूठे आरोप में हमारे लोगों को फंसा दिया। इसमें सरपंच भी शामिल है। इसलिए उसको पीटा।

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