मुजफ्फरनगर/मेरठ। खंडवा जेल से फरार और बिजनौर में छिपे सिमी आतंकी मुजफ्फरनगर दंगों का बदला लेना चाहते थे। इसके लिए वे लगातार मुजफ्फरनगर में छिपे अपने सहयोगी के सम्पर्क में भी थे। सिमी के ये आतंकी आईएसआई के इशारे पर मुजफ्फरनगर के दंगा पीड़ितों से जाकर राहत शिविरों में भी मिले थे। उनका मकसद था कि वहां के मुस्लिम युवकों को भड़काकर अपने नापाक मंसूबों को अंजाम दे सकें। वहीं सर्विलांस के जरिए इन आतंकियों का एक साथी एमपी के जबलपुर से भी गिरफ्तार हुआ है। उससे मिली जानकारी के अनुसार इन आतंकियों की साजिश उज्जैन में ब्लास्ट करने की थी।
यह खुलासा एटीएस द्वारा सोमवार की देर रात मुजफ्फरनगर में दबिश देकर एक युवक को उठाने के बाद हुआ है।एटीएस ने इस ऑपरेशन को बिजनौर में ब्लास्ट साइट से मिले लैपटॉप और
मोबाइल से कॉल किए गए नंबरों को सर्विलांस पर लेने के बाद अंजाम दिया है। इनमें से कई कॉल मुजफ्फरनगर और मेरठ में बैठे किसी व्यक्ति को की गई थीं। ब्लास्ट साइट से बरामद बस के टिकट भी इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि आतंकी नियमित तौर पर मुजफ्फरनगर और मेरठ आ-जा रहे थे।
पल-पलकी दी जाती थी जानकारी- इसी क्रम में सोमवार देर रात राजपुर तिलौरा गांव में किराए पर रह रहे नवाब नाम के एक व्यक्ति को एटीएस ने हिरासत में लिया है। बताया गया है कि नवाब लगातार बिजनौर में बैठे अपने आतंकी साथियों को मुजफ्फरनगर दंगे और अन्य मामलों की पल-पल की जानकारियां दे रहा था। नवाब कवाल भी कई बार गया था और यहां से भी जानकारियां जुटाकर अपने साथियों को पहुंचाई थी।
सूत्रोंका कहना है कि गिरफ्तार नवाब को इस बात का पता नहीं है कि वह कौन सा स्थान था जहां आतंकी बम धमाका करने वाले थे। गांव के प्रधान उदयवीर ने भी बताया है कि देर रात गांव से बिजनौर पुलिस और एटीएस उस युवक को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई है। इसके अलावा जानसठ के मोहल्ला जन्नताबाद में भी छापा मारकर शक के आधार पर एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है।
जबलपुर में भी बैठा था मददगार : यूपी और एमपी एटीएस के बीच इंटेलिजेंस साझा किए जाने के बाद एमपी एटीएस ने जबलपुर से सिमी के एक आतंकी को गिरफ्तार किया था। जबलपुर के गोहलपुर इलाके से हुई इस गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ कि एमपी में धार्मिक नगरी उज्जैन भी इन आतंकियों के निशाने पर थी। जबलपुर से गिरफ्तार आतंकी भी खंडवा जेल से फरार हुए आतंकियों में से एक था। इससे भी यूपी के बिजनौर में हुए बम धमाकों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
मुजफ्फरनगर में थी धमाके की साजिश : बिजनौरमें विस्फोट के बाद फरार आतंकियों के तार मुजफ्फरनगर से जुड़े होने की पुष्टि हुई। उनके शरणदाताओं की तलाश में एटीएस और एसटीएफ ने देर रात बिजनौर पुलिस के साथ जानसठ इलाके में कई स्थानों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान राजपुर तिलौरा गांव में किराए पर रह रहे एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया गया है। खुफिया सूत्रों को मिली जानकारी के अनुसार आतंकियों की मुजफ्फरनगर में धमाके की योजना थी।
फरार हुए आतंकियों की तलाश में सोमवार देर रात जानसठ कस्बे और पास के गांव राजपुर तिलौरा में छापेमारी की गई। मौके से मिले सामान और बस टिकटों के आधार पर पुलिस ने इन आतंकियों के आसपास के जिलों में होने की संभावना जताई है। आतंकियों को शरण देने वाले बिजनौर के मोहल्ला जाटान निवासी मकान मालिक रईस के बेटे अब्दुल्ला ने खुफिया एजेंसी को पूछताछ के दौरान चौंकाने वाली जानकारी दी है।
आरएसएसके शिविर में भी होना था विस्फोट: बिजनौरसे फरार आतंकियों की मंशा मुजफ्फरनगर में दो जगहों पर बस विस्फोट करने की थी। सूत्रों की मानें तो एक विस्फोट आरएसएस के शिविर में होना था। हालांकि खुफिया एजेंसी इन स्थानों का खुलासा नहीं कर रही है।
एमपी एटीएस ने एक आतंकी जबलपुर से गिरफ्तार किया ।
( फाइल फोटो : गत दिनों बिजनौर में सीसीटीवी में कैद सिमी आंतकियों की वह फोटो जब एक घायल आतंकी बाइक से अस्पताल लेकर पहुंचे थे )