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निलंबित सचिव की गरीबी ने विवाह से पहले ही करवा दिया दो कन्या का दान
हरपिता का सपना होता है कि वह बेटी का कन्यादान करे, लेकिन इस पिता की मजबूरी थी की उसे पांच में से दो नन्ही कन्याओं का शादी से पहले ही दान करना पड़ा। 11 वर्षीय अपूर्वा जब पांच साल की थी तब उसे गांव के ही मिशनरी के ब्रदर जान को दान दिया गया, जबकि सबसे छोटी बेटी श्रुित जब 20 दिन की थी उसे इंदौर के एक दंपती को सौंप दिया गया। बची तीन बच्चियों को कर्ज लेकर पालना पड़ रहा है। हालात ही कुछ ऐसे बन गए। ग्राम पंचायत रोशनाई में सचिव रहे जयदीप कानाडे और उनकी प|ी अब उसी गांव में मजदूरी कर रहे हैं।
2004 में जयदीप कनाड़े की जयंती के साथ शादी हुई। ग्राम पंचायत रोशनाई में सचिव की नौकरी मिल गई। इसी साल घर में पहली बेटी अपूर्वा का जन्म हुआ। सपना देखा कि बेटी को अच्छी शिक्षा देकर अफसर बनाएंगे। फिर 2007 में दूसरी बेटी श्रेया, 2008 में तीसरी बेटी रूपल, 2010 में चौथी बेटी श्रुति ने जन्म लिया। चारों बेटियों की अच्छी परवरिश और बेहतर शिक्षा का संकल्प लिया। जनवरी 2011 तक सबकुछ ठीक चला लेकिन इसी साल पूर्व सचिव के कार्यकाल में हुए कामों की जांच में घेरे में गए। शासन ने निलंबित कर दिया। पगार आधी (2400 रुपए महीना) मिलने लगी। फिर जुलाई 2011 में वह भी बंद हो गई। घर चलाना मुश्किल हो गया लेकिन श्री कनाड़े ने हिम्मत नहीं हारी। मजदूरी शुरू कर दी। हालांकि मजदूरी में घर चलाना संभव नहीं था। इसी बीच खंडवा के ब्रदर जॉन से मुलाकात हुई। बड़ी बेटी अपूर्वा के बेहतर भविष्य के लिए ब्रदर जॉन की मदद से उसे हॉली स्प्रिट स्कूल में प्रवेश दिलाया। साथ ही हॉस्टल में रहने का इंतजाम किया। एक बेटी का खर्च कम हो गया। अपूर्वा आज 5वीं में है।
इधर, टिमरनी के निलंबित पंचायत सचिव ने ट्रेन से कटकर दी जान
खंडवा|हरदाजिले की टिमरनी के केली गांव के पंचायत सचिव ने सोमवार सुबह इटारसी-खंडवा रेल मार्ग पर गणेश तलाई माली फेल क्षेत्र में ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। सुबह पटरी किनारे पड़े शव से गर्दन अलग पड़ी थी। शव का एक हाथ भी नहीं मिला। कोतवाली पुलिस ने मृतक की पहचान परसराम पिता सीताराम कलम (45)निवासी ग्राम हिरना (टिमरनी) के रूप में की है। वह केली मेंे सचिव था। मामले की जांच कर रहे कोतवाली एएसआई मोहम्मद असलम कुरैशी ने बताया शव के पास से जब्त दस्तावेज के आधार पर परिजन को सूचना दी लेकिन वे रात आठ बजे तक खंडवा नहीं आए। प्रथम दृष्टया