(फोटो : सीसीटीवी कैमरे में कैद आतंकियों की तस्वीर ऊपर, नीचे फरार सिमी आतंकी)
खंडवा। पश्चिमी उत्तरप्रदेश के बिजनौर जिले के जाटान मोहल्ला में बम बनाते समय हुए विस्फोट में झुलसे फरार आतंकियों का रविवार को भी पुलिस को सुराग नहीं मिल पाया। यूपी और मप्र की एटीएस टीम आतंकियों का नेटवर्क खंगालने में लगी है। आतंकियों के कमरे से बरामद हुए दो
मोबाइल की कॉल डिटेल की जांच के दौरान खुफिया एजेंसियों को पता चला कि विस्फोट से पहले सिमी आतंकियों ने मेरठ और दिल्ली बात की थी। आतंकियों के कमरे से जो आईडी मिली हैं, वे महाराष्ट्र और मप्र के उज्जैन की है। इनमें दो आईडी पर सलीम, नईम और एक आईडी पर अरविंद संतोष नाम अंकित है।
इधर आतंकियों की तलाश में बिजनौर पुलिस ने शहर की नाकेबंदी कराई है। बिजनौर पुलिस ने उस डॉक्टर से भी पूछताछ की जिसके यहां आतंकी अपने साथी का इलाज कराने गए थे। इसके अलावा डॉक्टर के यहां तक आतंकियों को पहुंचाने वाले रिक्शा वाले से भी पुलिस ने पूछताछ की। यूपी एटीएस सूत्रों के अनुसार बम बनाने का सामान बरामद होने से अंदाजा लगाया जा सकता है आतंकी बोधगया जैसा विस्फोट यूपी में करना चाहते थे।
नाम बदलकर रह रहे थे : आतंकियों के कमरे से बरामद हुई आईडी में महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के परिवहन विभाग द्वारा जारी वाहन लाइसेंस अरविंद संतोष माने पिता एकनाथ माने के नाम से है। उस पर फोटो भी लगी है। इसके अलावा अरविंद संतोष माने के नाम का निर्वाचन परिचय पत्र भी मिला। सलीम पिता हकीम खंडवा के नाम से निर्वाचन पत्र मिला जो कि सलीक का है। इसके अलावा उज्जैन के मोहम्मद युनुस पिता अब्दुल गनी का आधार कार्ड बरामद हुआ।
सीधी जिले से आए एसएमएस और कॉल: खंडवा.बिजनौर विस्फोट में घायल आतंकियों के कमरे से बरामद मोबाइल पर मप्र के सिधी जिले से एक शख्स ने पांच बार फोन किया उसने मैसेज भी किया है। जिससे इस बात का खुलासा हुआ है कि आतंकियों ने सिधी को हेडक्वार्टर बना रखा है। सिधी जिला मप्र यूपी बार्डर पर है। सिधी से यूपी का मिर्जापुर जिला लगा हुआ है। सिधी से आतंकियों के तार जुड़ने की बिजनौर एसपी सत्येंद्र कुमार सिंह ने भी पुष्टी की है।
2011से लापता है सलीक : सलीमपिता हकीम उर्फ सलीम निवासी सिविल लाइंस 2011 से फरार है। इससे पहले भी सलीम का नाम सिमी गतिविधियों में आया था। 2011 में केस दर्ज होने के बाद से पुलिस को तलाश थी। सलीक की मुलाकात जेल से भागे आतंकियों से कैसे हो गई यह जांच का विषय है।
तलाश में 48 टीमें गठित : हिंदू बहुल क्षेत्र में किराए का मकान लेकर रह रहे आतंकियों ने अपनी पहचान छिपाई थी। खुद को खाद्य फैक्ट्री में काम करना बताया। आतंकी रोज सुबह घर से निकलते थे, शाम को ही वापस आते थे। इधर पुलिस ने बिजनौर शहर में चप्पे-चप्पे पर बल तैनात कर 48 टीमें गठित की है। एटीएस, आईबी, एसटीएफ भी आतंकियों को बिजनौर सहित आसपास के शहरों में तलाश रही है।