(भाजपा कार्यकर्ता दीपू राठौर जिन्होंने पट्ठावाद का मुद्दा उठाया, विधायक वर्मा मुस्कुराते रहे)
खंडवा। रविवार को हुई भाजपा की जिला बैठक में कार्यकर्ता उखड़ पड़े। उन्होंने खाद्य मंत्री विजय शाह और विधायकों को घेरा। इंदौर महापौर कृष्णमुरारी मोघे के सामने ही मंत्री-सांसद-विधायकों पर खुले तौर पर पट्ठावाद का आरोप लगाया। गौरीकुंज सभागृह में बैठक के दौरान भाजपा कार्यकर्ता दीपू राठौर ने कहा मंत्री, सांसद, विधायक के पट्ठों की चलती है, हमारी कौन सुनता है? जो इनका पट्ठा बन जाता है, उसे पार्षद का टिकट मिल जाता है। हम सालों से पार्टी के कार्यक्रमों में दरी उठाते रहे हैं। हमें कभी तवज्जो नहीं मिली। मंत्री-विधायक के बैग उठाने वालों को तवज्जो दी जाती है। यहां तक कि चुनाव के ऐन पहले दल बदलकर आने वालों को भी टिकट मिल जाता है।
जगन्नाथ माने ने कहा रिश्तेदार और पट्ठावाद से टिकट वितरण में गलत निर्णय ले लिया जाता है। इसे बदलना चाहिए। कार्यकर्ताओं के खुले आरोप के बाद मंत्री शाह बचाव की मुद्रा में गए। उन्होंने कहा- आरोप-प्रत्यारोप लगाएं। स्थानीय चुनाव को लेकर सुझाव दें। इंदौर महापौर मोघे बोले- दु:ख तब होता है जब हम अपना ही आकलन कर लेते हैं। बैठक में श्री मोघे, श्री शाह, विधायक देवेंद्र वर्मा, लोकेंद्रसिंह तोमर, योगिता बोरकर, जिला संगठन मंत्री धीरजसिंह चौैहान, महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री ममता बोरसे, जिलाध्यक्ष सुभाष कोठारी, पूर्व विधायक हुकुमचंद यादव, राजेश डोंगरे, पुरुषोत्तम शर्मा, जिला महामंत्री राजपालसिंह चौहान मंचासीन थे।
मोघे ने यह दिए टिप्स
-कार्यकर्ताओं द्वारा नर्मदा जल वितरण पर सवाल किए जाने पर विधायक देवेंद्र वर्मा मुस्कुराते रहे।
- निगम अध्यक्ष अमर यादव, जिला महामंत्री त्रिलोक यादव बैठक में नहीं आए।
- बैठक में 1.20 घंटे देर से आए मुख्य अतिथि मोघे।
- बैठक में देरी पर जिला महामंत्री वीरेंद्र चौरे कविता पाठ से लोगों का दिल बहलाते रहे।
- बैठक में आए नेताओं ने चुनावों को लेकर बैठक के बाद विधानसभावार रणनीति बनाई।
- 25 सितंबर से 11 अक्टूबर तक सघन जनसंपर्क अभियान चलाएं।
- मोदी सरकार के 100 दिन की उपलब्धियांे को लोगों तक पहुंचाएं।
- प्रदेश शासन की उपलब्धियां भी बताएं।
- प्रधानमंत्री जन-धन योजना में ज्यादा से ज्यादा लोगों के खाते खुलवाएं।
- एक रुपए किलो अनाज योजना में लोगों के कूपन खुलवाएं।
कार्यकर्ताओं ने ऐसे लगाई आरोप-सवालों की झड़ी
- महेश जायसवाल ने पूछा पीएम
नरेंद्र मोदी और सीएम शिवराजसिंह चौहान की तरह क्यों महापौर के नाम की घोषणा भी लॉटरी सिस्टम से पहले कर दे? इस पर मंत्री शाह ने कहा- अभी नाम तय कर देंगे तो लोग हराने में जुट जाएंगे।
- डॉ. संजय श्रीवास्तव ने कहा डायवर्सन टैक्स की विसंगति, ट्रांसपोर्ट नगर, नर्मदा पेयजल योजना का काम पूरा नहीं हुआ। यह चुनाव में समस्या उत्पन्न करेंगे।
- नरेंद्र सिंह तोमर (पूर्व अध्यक्ष भूमि विकास बैंक) ने कहा केंद्र सरकार ने कहा जो राज्य किसानों काे सब्सिडी देगी, उसका अनाज नहीं खरीदेंगे। इससे किसानों को नुकसान होगा।
- अनिता शाह ने कहा भोले-भाले कार्यकर्ताओं को मंत्री और विधायक कोई प्रलोभन दें। समय पर महापौर का नाम घोषित करें।
- पुंडरीकराव निकम ने कहा हमारे बच्चों को टिकट नहीं मिला। नेताओं के बेटों और दूसरे पार्टी से आए लोगों को टिकट मिल जाता है।
-बंडू काले ने कहा नर्मदा जल की अधिसूचना तीन महीने से नगरीय प्रशासन के पास अटकी है। इसे प्रयास कर चुनाव से पहले जारी कराएं।
महापौर भावना शाह नहीं आई, मंत्री शाह ने किया बचाव
जबकार्यकर्ताओं ने आरोप लगाए तो मंत्री विजय शाह ने कहा हम मोघे जी को सुनने आए हैं। कौन व्यक्ति सरकार में कहां फिट हो सकता था यह मोघेजी जानते हैं। हमें अपनी पकड़ मजबूत रखनी है। श्री शाह ने बार-बार पत्नी (महापौर) भावना शाह की चर्चा से कार्यकर्ताओं का ध्यान हटायाा। पार्टी के नाम पर निगम चुनाव में एकजुट होने की अपील करते रहे। वे बोले पिता की तबियत खराब होने से महापौर नहीं आईं। वे शहर से बाहर हैं।
नर्मदा जल के बिल पर विचार कर लें : कार्यकर्ताओं के सवाल पर श्री मोघे बोले नर्मदा जल के लिए 200 रुपए महीना पानी का बिल आएगा। यह निगम चुनाव में हम पर भारी पड़ जाए। आप जो तय करेंगे वह सरकार भुगतेंगी। उन्होंने कहा डायवर्सन टैक्स कम कराने के लिए सीएम से बात करूंगा। मंत्री शाह ने कहा 17-18 सितंबर में निगम और नर्मदा जल प्रदाय कंपनी के साथ बैठक कर वितरण को सुनिश्चित करेंगे।
कार्यकर्ताओं ने नेता पुत्रों पर सवाल उठाए
भाजपाकार्यकर्ताओं ने नेता पुत्रों और उनके रिश्तेदारों को मिल रही तवज्जो पर सवाल उठाए। कार्यकर्ताओं का इशारा मंत्री शाह, प्रदेश अध्यक्ष चौहान के पुत्रों की ओर था। इस पर श्री मोघे ने उन्हें बीच में ही टोक दिया। बोले- यह चर्चा का विषय नहीं है।
भाजपा की जिला बैठक : तांदले खफा, बोलीं- हमऐसे नहीं जो मंच पर बुलाया जाए
बैठकमें महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष शारदा तांदले खफा हो गईं। उन्हें मंच पर नहीं बैठाया था। वे दर्शकदीर्घा में बैठी रहीं। बाद में बोलीं- हम ऐसे नहीं कि मंच पर बुलाया जाए।