जिम्मेदारों ने ही लगाया शहर को बट्टा
दोदिन पहले मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान बुरहानपुर पहुंचे। यहां उन्होंने बुरहानपुर को प्रदेश का सबसे सुंदर शहर बनाने की बात कही। दो साल पहले 18 मई 2012 को खंडवा में एक सभा को संबोधित करते हुए सीएम ने हमारे शहर को भी सुंदर बनाने की बात कही थी। उन्होंने मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना से 18 करोड़ और सड़क निर्माण के लिए 11 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। कुछ महीने बाद राशि मिल भी गई। टेंडर हुए और काम भी शुरू हो गया लेकिन दो साल बाद भी काम पूरा नहीं हुआ। तीन महीने पहले खंडवा आने पर सीएम ने फिर पुरानी घोषणाओं पर अमल की बात कही लेकिन अफसर-जनप्रतिनिधियों ने अभी तक कोई पहल नहीं की। शहर की सड़कें अधूरी हैं। जो बनी वे फिर खुद गई। यदि अफसर-जनप्रतिनिधि सक्रियता दिखाते तो हमारा शहर भी सुंदर बन जाता।
सरकार ने शुरुआत में 5 करोड़ रुपए मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना के तहत निगम को दिए। इसके बाद 13 करोड़ का ऋण इस योजना के तहत दिया। निगम ने इस योजना के तहत अब तक 12 करोड़ रुपए खर्च कर दिए हैं लेकिन अपेक्षित विकास कहीं नजर नहीं रहा है। 11 करोड़ रुपए की सड़कें समय पर नहीं बना पाने के कारण प्रशासन ने यह काम लोक निर्माण विभाग को सौंप दिया। यह विभाग भी शहर की प्रमुख सड़कों का डामरीकरण करने में नाकाम रहा।
पॉश कॉलाेनियों मेंे भी यही हाल
कईकॉलाेनियों में सड़कों के हाल खराब हैं। किशोर नगर में कई स्थानों पर बारिश का पानी भरा हुआ है लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। कॉलोनीवासी इसकी शिकायत कई बार कर चुके हैं।
शहर में यहां दिख रही बदहाली
>अग्रसेन चौराहा बस स्टैंड
> इंदिरा चौक से भंडारिया रोड
> निमाड़ नर्सरी से माता चौक रोड
>शेर चौराहा से जिला अस्पताल मार्ग
>पड़ावा से इंदौर नाका मार्ग
> नेहरू स्कूल से सिंघाड़ तलाई
निगम ने यहां खर्च किए रुपए लेकिन नतीजा सिफर
>अलग-अलग वार्डों में सड़कों का डामरीकरण 7 करोड़ रुपए में किया लेकिन कई जगह काम अधूरा पड़ा है।
> 3.25 करोड़ रुपए की लागत से नाली निर्माण किया लेकिन नालियों की सफाई नहीं होने से पानी सड़कों पर बह रहा है।
> 1.86 करोड़ रुपए की लागत से सीसी रोड बनाए, कई जगह से रोड उखड़ गए, डामर बिछाना पड़ा।
आंदोलन किए फिर भी हुई मनमानी
शहरमें अपेक्षित विकास नहीं होने के कारण मुझे आंदोलन करना पड़े। महापौर की मनमानी के कारण कामों की