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एसटीएफ का छापा स्कूल छोड़कर जंगल में भागे प्राचार्य
लवकुश नगर में प्राचार्य के बारे में पूछपाछ करते एसटीएफ अफसर।
मेरी जमानत हो गई
^हाईकोर्ट से मेरी जमानत हो गई है लेकिन मैं एसटीएफ के समक्ष पेपर पेश नहीं कर सका। जल्द ही एसटीएफ को जमानत के पेपर पेश कर दूंगा।^ -भालसिंह डाबर, प्राचार्य,चिचगोहन शासकीय स्कूल
टीम को देख लवकुश नगर में हड़कंप
बुधवार दोपहर 12.30 बजे अचानक नवचंडी मंदिर क्षेत्र के लवकुश नगर में एसटीएफ के 8-10 अधिकारी जवान वाहन से उतरे और भालसिंह डाबर के मकान में घुस गए। कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। लोगों की भीड़ लग गई। एसटीएफ के अधिकारियों ने लोगों से प्राचार्य के बारे में पूछताछ की। इसके बाद एसटीएफ की टीम चिचगोहन पहुंची। प्राचार्य की प|ी मीना डाबर बड़वानी जिले के शासकीय सहकारी संस्था में सहायक आयुक्त है।
भास्कर संवाददाता|खंडवा
व्यापमंघोटाले में धरपकड़ के लिए भोपाल एसटीएफ की टीम बुधवार को खंडवा आई। बेटी को पास कराने के लिए 15 लाख रुपए देने के आरोपी भालसिंह डाबर के लवकुशनगर स्थित घर पहुंची। श्री डाबर घर पर नहीं मिले। वे चिचगोहन हायर सेकंडरी स्कूल में प्राचार्य है। टीम उनके स्कूल पहुंच गई। पुलिस के आने की भनक लगते ही प्राचार्य श्री डाबर खेतों से होते हुए जंगल में भाग गए। पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी। प्राचार्य पर पीएमटी में बेटी निकिता के सिलेक्शन के लिए 15 लाख रुपए की रिश्वत देने का आरोप है। एसटीएफ डीएसपी एसएस भूरिया ने बताया प्राचार्य श्री डाबर एसटीएफ के रिकार्ड में तीन माह से फरार है। उनसे एक बार पूछताछ हुई थी। फिर बाद में बुलाया तो वे नहीं आए। इसलिए गिरफ्तार करने आए थे।
भालसिंह डाबर