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टैक्स बचाने के लिए संपत्ति छुपाई तो पकड़ लेगा निगम

6 वर्ष पहले
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नई व्यवस्था|संपत्ति कर के बिल के साथ बंट रही स्वनिर्धारण विवरणी, सैटेलाइट सर्वे से करेंगे मिलान
खंडवा। संपत्ति छुपाई तो निगम पकड़ लेगा। निगम के पास सैटेलाइट से हुए जीआईएस सर्वे का रिकार्ड है। बिल के साथ दी जा रही स्वनिर्धारण विवरणी में लोगों से उनकी संपत्ति की जानकारी मांगी गई है। इसमें दी गई जानकारी का मिलान निगम जीआईएस सर्वे से करेगा। दोनों में अंतर होने पर निगम की टीम जांच करेगी। इसमें जो भी सही जानकारी होगी उसे अंतिम माना जाएगा।
सर्वे में करीब 36 हजार मकान दर्ज हुए हैं। निगम के रिकार्ड में लगभग 30 हजार मकान ही हैं। सर्वे में संपत्तियों की संख्या और क्षेत्रफल में बढा़ेत्तरी हुई है। इससे ज्यादा टैक्स आएगा। निगम की आमदनी भी बढ़ेगी। इसका उपयोग शहर के विकास कामों में ही होगा।

संपत्तिकर बिल के साथ स्वनिर्धारण विवरणी भेजी जा रही है। इसमें संपत्ति के क्षेत्रफल की सही स्थिति भरना जरुरी है। यह विवरणी भरकर सहायक राजस्व उप निरीक्षक को दी जा सकती है। जीआईएस सर्वे में अधिक संपत्ति दर्ज होने पर भी इस विवरणी में सही जानकारी भरकर सुधार कराया जा सकता है। साथ ही यदि मौजूदा बिल भी गलत आया है तो उसमें सुधार हो जाएगा। जीआईएस सर्वे के दूसरे चरण का काम इसी महीने शुरू हो जाएगा। सर्वे करने वाली कंपनी के कर्मचारी आएंगे। संपत्तियों को सर्वे के अनुसार व्यवस्थित किया जाएगा।
लोगों को जानकारी देकर दावा-आपत्ति बुलाए जाएंगे। सहायक आयुक्त दिनेश मिश्रा ने बताया मकान का क्षेत्रफल लोग स्वनिर्धारण विवरणी में अवश्य भरें। ऐसा नहीं होने पर दर्ज आंकड़े को सही माना जाएगा। इसके लिए भविष्य में सूचना पत्र भी दिए जाएंगे।

निगम की टीम मौके पर देखेगी हकीकत :
- मकान मालिकों को सूचना पत्र दिए जाएंगे। सर्वे के अनुसार दर्ज क्षेत्रफल बताया जाएगा।
- लोगों से आपत्ति ली जाएगी।
- संपत्ति कर के साथ लोगों को दी जा रही स्वनिर्धारण विवरणी से जीआईएस सर्वे से मिलान किया जाएगा।
- स्वनिर्धारण विवरणी और निगम में दर्ज क्षेत्र में अंतर आने पर क्षेत्र के संबंधित निगम कर्मी मौके पर पहुंचकर संपत्ति का सही क्षेत्रफल पता करेंगे।

यह जानकारी भरना है विवरणी में :- संपत्ति स्वामी का नाम, पिता का नाम, वर्तमान पता, संपत्ति कहां है उसका पता और जोन नंबर। निर्मित और खुले मकान का क्षेत्रफल वर्गफीट में, मकान का उपयोग आवासीय या व्यवसायिक। मकान पक्का है या कच्चा। मकान कितने साल पहले बना। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की संचरना बनी या नहीं। भवन स्वामी छूट प्राप्त वर्ग में आता है या नहीं। वार्षिक भाड़े की दर जोन के अनुसार क्या है यह जानकारी भरना होगी।