- सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर प्रतिमाह बचाई जा रही है हजारों रुपए की बिजली ।
खंडवा। शहर के करीब आधा दर्जन शासकीय विभाग सौर ऊर्जा से रोशन हैं। इनके परिसर कॉलोनियां को भी सौर ऊर्जा से बिजली मिल रही है। सूर्य की किरणों से प्राप्त बिजली का उपयोग कर ये विभाग प्रतिमाह खर्च होने वाले हजारों रुपए के बिजली बिल की भी बचत कर रहे हैं। बिजली का उपयोग दफ्तरों के कम्प्यूटर, ट्यूब लाइट, सीएफएल, पंखे आदि के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा वाटर हीटर संयंत्र से पानी गर्म करने का काम भी किया जा रहा है।
कॉलेज,कैंपस से लेकर कॉलोनी भी रोशन : कृषि कॉलेज में तीन साल पहले पांच किलोवाट का सोलर सिस्टम लगायाा। परीक्षा हॉल के पंखे, लाइट, डीन कक्ष के पंखे लाइट, 10 कम्प्यूटर, लाइटर, पंखे चलाए जाते हैं। मुख्य द्वार से कॉलोनी तक की सड़क 11 वाट के 21 सीएफएल रातभर रोशन होती है।
बिजली की बचत : कॉलेज डीन मृदुला बिल्लोरे ने बताया 100 200 लीटर के दो-दो सोलर वाटर हीटर पानी गर्म होता है। इसका उपयोग छात्रावास के 80 विद्यार्थी रोज करते हैं। हर माह 10 हजार के बिजली बिल की बचत होती है।
नर्सरी और दफ्तर में 24 घंटे बिजली : वनविभाग की नर्सरी काष्ठ भंडार में भी सोलर संयंत्र लगाया है। सिविल लाइंस स्थित निमाड़ नर्सरी में लगे संयंत्र से परिसर आसपास के घरों में बिजली का उपयोग हो रहा है। वहीं वन विभाग (उत्पादन) के दफ्तर कालोनी के सेक्टर-3 4 में छोटे संयंत्र का उपयोग पिछले तीन साल से सफलता पूर्वक किया जा रहा है।
इसके अलावा शहर में जिला पंचायत, पोलिटेक्निक, दुग्ध संघ सहित कुछ और विभागों में भी सौर ऊर्जा संयंत्र का उपयोग किया जा रहा है।