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समन्वय का सही उदाहरण मानव शरीर

7 वर्ष पहले
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एमएलबी स्कूल में शनिवार को जिला स्तरीय विज्ञान नाटिका आयोजित हुई। इसमें शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सूरजकुंड एवं बोरगांव बुजुर्ग के विद्यार्थियों ने प्रस्तुति दी। जोन स्तरीय विज्ञान नाटिका के लिए शाउमा सूरजकुंड का चयन हुआ।

सूरजकुंड स्कूल की छात्राओं ने अंगों का दरबार शीर्षक से नाटक की प्रस्तुति दी। छात्राओं ने बताया समन्वय का सही उदाहरण मानव शरीर है। यहां पर हर अंग अपना काम पूरी सतर्कता और ईमानदारी से करता है। नाटक में मस्तिष्क को राजा और बाकी शरीर के अंगों को प्रजा के रूप में दिखाया। छात्राओं ने मस्तिष्क द्वारा दिए आदेश को कैसे, कौन-सा अंग मानता है और उससे शरीर को क्या लाभ मिलता है। इसके बारे में विस्तार से बताया। वहीं शाउमा बोरगांव बुजुर्ग के विद्यार्थियों ने भारतीय वैज्ञानिकों का विज्ञान में योगदान को रेखांकित किया। विद्यार्थियों ने डाॅ.हरगोविंद खुराना और होमी जहांगीर भाभा आविष्कारों से देश की तरक्की को दर्शाया।

कार्यक्रम समन्वयक प्राचार्य एस.नागोत्रा एवं शिक्षिका संगीता सोनवाने ने बताया विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रूचि पैदा करने के लिए विज्ञान नाटिका का आयोजन किया जाता है। 10 सितंबर को ब्लाक स्तरीय विज्ञान नाटिका में चयनित टीमों ने शनिवार को जिला स्तरीय विज्ञान नाटिका में भाग लिया। कार्यक्रम में निर्णायक डॉ.मनोज सराफ, एएच कुरैशी एवं सरोज गुप्ता रही।

विज्ञान नाटिका में प्रस्तुति देती सूरजकुंड स्कूल छात्राएं।

जोन स्तरीय आयोजन 18 को

जोनस्तरीय विज्ञान नाटिका का आयोजन 18 सितंबर को बीएड कॉलेज में होगा। इसमें खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर और हरदा की चयनित टीमें शामिल होगी।